
नई दिल्ली। BRICS शिखर सम्मेलन से पहले दक्षिण अफ्रीका ने भारत की भूमिका और ग्लोबल साउथ की बढ़ती ताकत को लेकर बड़ा बयान दिया है। भारत में दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त अनिल सूकलाल ने कहा है कि BRICS ने पहली बार विकासशील देशों यानी ग्लोबल साउथ को वैश्विक राजनीति में एक मजबूत और प्रभावशाली आवाज देने का काम किया है। उनके मुताबिक, इस बदलाव में भारत की भूमिका बेहद अहम है।
‘ग्लोबल साउथ को मिली मजबूत आवाज’
समाचार एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में अनिल सूकलाल ने कहा कि पहली बार ऐसा प्रभावशाली मंच सामने आया है, जहां ग्लोबल साउथ के देश एकजुट होकर अपने साझा हितों और चिंताओं को वैश्विक स्तर पर मजबूती से रख सकते हैं।
उन्होंने कहा कि BRICS अब सिर्फ आर्थिक सहयोग का समूह नहीं रह गया है, बल्कि बदलती वैश्विक व्यवस्था को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।
भारत को बताया सबसे अहम भागीदार
दक्षिण अफ्रीकी उच्चायुक्त ने भारत की सक्रिय भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत लगातार विकासशील देशों की आवाज को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से उठाता रहा है।
उनके मुताबिक, भारत की सक्रिय भागीदारी BRICS को और अधिक प्रभावशाली बना रही है। इससे एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों के देशों को वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में बेहतर प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना मजबूत होती है।
11 सदस्य देशों के साथ BRICS का बढ़ा दायरा
अनिल सूकलाल के अनुसार, BRICS के विस्तार के बाद अब इसमें 11 स्थायी सदस्य देश हैं। अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले इन देशों की विविधता संगठन की बड़ी ताकत मानी जा रही है।
BRICS शिखर सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, विकास और तेजी से उभरती बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
UN सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग
दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में व्यापक सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया।
उन्होंने मौजूदा व्यवस्था की आलोचना करते हुए कहा कि सुरक्षा परिषद कई वैश्विक संकटों पर प्रभावी निर्णय लेने में असफल रही है और एक तरह की ‘लकवाग्रस्त’ स्थिति में पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि BRICS के घोषणापत्रों में लगातार सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग उठाई जाती रही है। अब जरूरत इस बात की है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मुद्दे पर गंभीरता से आगे बढ़े और वैश्विक संस्थाओं को आज की बदलती वास्तविकताओं के अनुरूप बनाया जाए।
भारत के लिए क्यों अहम है यह बयान?
दुनिया में बदलते शक्ति संतुलन और बहुध्रुवीय व्यवस्था के बीच दक्षिण अफ्रीका का यह बयान भारत के लिए कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत लंबे समय से विकासशील देशों की आवाज को वैश्विक मंच पर मजबूती देने और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग करता रहा है। ऐसे में BRICS के भीतर भारत की सक्रिय भूमिका उसे ग्लोबल साउथ के प्रमुख प्रतिनिधियों में और मजबूत कर सकती है।
अब BRICS Summit पर दुनिया की नजर
BRICS शिखर सम्मेलन से पहले आए इस बयान ने भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि सम्मेलन में सदस्य देश वैश्विक शासन, आर्थिक सहयोग, व्यापार और संयुक्त राष्ट्र सुधार जैसे मुद्दों पर कितनी ठोस सहमति बना पाते हैं।
The Indian Opinion