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एमपी में ‘मौत का जाम’: जहरीली शराब ने उजाड़े 22 घर, 112 अस्पतालों में जिंदगी की जंग

मध्य प्रदेश के सागर जिले से सामने आई जहरीली शराब की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से अब तक 22 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 112 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है। मृतकों में पिता-पुत्र भी शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके के कई गांवों में मातम पसरा हुआ है और एक साथ कई घरों से अर्थियां उठने से माहौल बेहद गमगीन है।

112 मरीज अस्पताल में भर्ती

जहरीली शराब पीने के बाद बीमार हुए लोगों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। अधिकांश मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा जिला अस्पताल और बंडा सिविल अस्पताल में भी मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। गंभीर मरीजों को विशेष निगरानी में रखा गया है।

शराब ठेकेदार समेत 30 लोगों पर केस

मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। शराब ठेकेदार समेत कुल 30 नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जहरीली शराब कहां तैयार हुई, इसे किन लोगों ने सप्लाई किया और इसके पीछे पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है। प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश के ललितपुर से जुड़े नकली शराब गिरोह के संभावित कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

मेथेनॉल की आशंका

प्रारंभिक जांच और पोस्टमॉर्टम से जहरीले रसायन मेथेनॉल की मौजूदगी की आशंका सामने आई है। मेथेनॉल शरीर के लिए बेहद खतरनाक होता है और इसके सेवन से आंखों की रोशनी जाने, तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचने तथा गंभीर स्थिति में मौत तक का खतरा रहता है।

हालांकि, मेथेनॉल की मौजूदगी और उसकी मात्रा को लेकर अंतिम पुष्टि संबंधित जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

अवैध शराब के नेटवर्क पर सवाल

सागर की इस घटना ने एक बार फिर अवैध और नकली शराब के कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि आखिर जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था कहां विफल हुई?

अब सबसे बड़ी चुनौती इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना और यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी घटना दोबारा न हो।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन की जांच जारी है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और जहरीली शराब की सप्लाई चेन का खुलासा होने के बाद ही इस पूरे मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी।

The Indian Opinion 

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