अधिवक्ता परिषद के समरसता संगोष्ठी में बाबा साहब के व्यक्तित्व से संविधान तक हुई चर्चा,जिला जज,मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सहित कई ने दिए व्याख्यान

बाराबंकी।अधिवक्ता परिषद अवध की जिला इकाई द्वारा समरसता दिवस का आयोजन जिला बार एसो सभागार में किया गया।
इसमें भारतीय संविधान और सामाजिक समरसता में न्यायपालिका की भूमिका विषय पर जिला जज प्रतिमा श्रीवास्तव,मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा सिंह,अपर जिला जज विनय कुमार,अपर जिला जज सुभाष चन्द्र तिवारी,अवध प्रान्त के प्रांतीय उपाध्यक्ष अनिल कुमार पाण्डेय, हाई कोर्ट लखनऊ इकाई के महामंत्री वरिष्ट एडवोकेट डा अमरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने भारतीय संविधान की विशेषताओं /व्यवस्थाओं पर चर्चा की और संविधान शिल्पी बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की नीतियों की प्रसंशा की। डा त्रिपाठी ने कहा की बाबा साहब द्वारा निर्मित भारतीय संविधान के प्रिंबल में सेक्युलर/धर्म निरपेक्ष शब्द था ही नहीं,उन्होंने कहा नियमों के विपरीत जाकर केंद्र की कांग्रेस सरकार ने सेक्युलर शब्द जोड़ कर समस्या पैदा की। जिला जज ने भी संविधान के कई अनुच्छेद के बारे में जानकारी दी तो मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा सिंह ने लोगो को संविधान वा संविधान के दायरे में निर्मित कानूनी व्यवस्थाओं का उल्लेख ठीक तरीके से किया। अधिवक्ता परिषद जिला इकाई के अध्यक्ष कौशल किशोर त्रिपाठी एडवोकेट की अध्यक्षता एवम उपाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश शुक्ल के संचालन वा उपाध्यक्ष राकेश शर्मा,महामंत्री सचिन प्रताप सिंह के निर्देशन में हुई इस संगोष्ठी में जिला बार अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा महामंत्री रामराज यादव पूर्व अध्यक्ष दादा जगत बहादुर सिंह,बृजेश दीक्षित,एम पी लिया,हुमायूं नईम खान,दिलीप गुप्ता,सुरेश गौतम, रमन द्विवेदी, राजेंद्र सिंह राजन,नरेश सिंह,सुनीत अवस्थी,अनूप कल्याणी,बी एल गौतम,आर पी गौतम,दीपक मिश्रा,शुभम मिश्रा, रमा कांत शुक्ला,अनूप यादव सरिता वर्मा,सीलम वर्मा,डावलता ,मनोकांती,आदि कई अधिवक्ताओं ने सामाजिक समरसता पर विचार व्यक्त किए।

विचार व्यक्त करते मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा सिंह

समरसता संगोष्ठी में विचार व्यक्त करते हुए जनपद न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव

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