डीजल और जेट फ्यूल पर ड्यूटी में राहत, घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने पर फोकस

देश में ईंधन की संभावित किल्लत को रोकने और घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर ₹3 प्रति लीटर का नया टैक्स लगाने का फैसला किया है। वहीं, डीजल और जेट फ्यूल (एटीएफ) पर लगने वाली ड्यूटी में कमी की गई है, ताकि ऊर्जा क्षेत्र में संतुलन बना रहे और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित न हो।
सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग और कीमतों के चलते कंपनियां निर्यात को प्राथमिकता दे सकती हैं, जिससे देश के भीतर पेट्रोल की उपलब्धता प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है। इसी आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

विशेषज्ञों के अनुसार, पेट्रोल निर्यात पर टैक्स बढ़ने से तेल कंपनियों की निर्यात रणनीति प्रभावित हो सकती है और वे घरेलू बाजार को प्राथमिकता देने के लिए मजबूर होंगी। वहीं, डीजल और जेट फ्यूल पर ड्यूटी में राहत से परिवहन और विमानन क्षेत्र को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सरकार की कोशिश है कि आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर कम से कम पड़े और ईंधन आपूर्ति सुचारु बनी रहे।