ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में केमिस्टों की हड़ताल, एमपी, चंडीगढ़ और बिहार में दवाओं के लिए भटके लोग

देशभर में दवा विक्रेताओं की हड़ताल का असर आम लोगों पर साफ दिखाई दिया। ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में करीब 15 लाख मेडिकल स्टोर बंद रहने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, बिहार समेत कई राज्यों में लोग जरूरी दवाएं लेने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए।
केमिस्ट संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से छोटे और मध्यम स्तर के मेडिकल स्टोर कारोबार पर गंभीर असर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त निगरानी के ऑनलाइन दवा बिक्री से नकली दवाओं और गलत दवा वितरण का खतरा भी बढ़ सकता है। इसी मांग को लेकर देशव्यापी बंद का आह्वान किया गया।

हड़ताल का सबसे ज्यादा असर उन मरीजों पर दिखा जिन्हें रोजाना दवाओं की जरूरत होती है। कई जगह बुजुर्ग और गंभीर मरीजों के परिजन दवा दुकानों के बाहर परेशान दिखाई दिए। हालांकि कुछ अस्पतालों के अंदर संचालित फार्मेसी और आपातकालीन सेवाएं चालू रहीं।
सरकार और दवा विक्रेताओं के बीच इस मुद्दे पर बातचीत की संभावना जताई जा रही है। आम लोगों को उम्मीद है कि जल्द समाधान निकले ताकि जरूरी दवाओं की उपलब्धता सामान्य हो सके।