समंदर में फिर बढ़ा समुद्री लुटेरों का खतरा, भारतीयों की सुरक्षा पर चिंता

यमन और सोमालिया के आसपास समुद्री क्षेत्र में दो जहाजों के कथित तौर पर हाईजैक होने की खबर से हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक, दोनों जहाजों पर सवार कुल 30 क्रू मेंबर समुद्री लुटेरों के कब्जे में बताए जा रहे हैं। इनमें 22 भारतीय नागरिक शामिल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद समुद्री सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और क्रू मेंबर्स की स्थिति का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
यमन और सोमालिया के बीच का समुद्री क्षेत्र लंबे समय से समुद्री डकैती और सशस्त्र हमलों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। इस रूट से बड़ी संख्या में व्यावसायिक जहाज गुजरते हैं, जिसके चलते यहां किसी भी सुरक्षा घटना का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है।

भारतीय नागरिकों के हाईजैक होने की जानकारी सामने आने के बाद उनकी सुरक्षित रिहाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। संबंधित अधिकारी घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी जुटाने और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश में लगे हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों जहाजों पर किस समूह ने कब्जा किया है और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है।

समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में सबसे बड़ी प्राथमिकता जहाज पर मौजूद चालक दल की सुरक्षा होती है। अधिकारियों की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और उपलब्ध सूचनाओं का सत्यापन किया जा रहा है।
घटना ने एक बार फिर लाल सागर, अदन की खाड़ी और सोमालिया के आसपास समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल 22 भारतीयों समेत सभी 30 क्रू मेंबर्स की सुरक्षित वापसी सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। मामले में आधिकारिक पुष्टि और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।