भारत में मौसम इतना तेजी से क्यों बदल रहा है? Heat, Rain और Extreme Weather की पूरी कहानी

Written By: The Indian Opinion News Desk
Published By: The Indian Opinion
Published Date: 12 September 2026
Updated Date: 12 September 2026
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भारत में मौसम का मिजाज पिछले कुछ वर्षों में लोगों को पहले से ज्यादा अस्थिर महसूस हो रहा है। कहीं तेज गर्मी और heatwave देखने को मिलती है, तो कुछ ही समय बाद भारी बारिश, जलभराव या extreme rainfall की स्थिति बन जाती है।
लेकिन क्या सच में भारत का मौसम तेजी से बदल रहा है? और अगर हां, तो इसके पीछे सिर्फ Climate Change जिम्मेदार है या urbanisation, land-use change और प्राकृतिक मौसम चक्र भी इसमें भूमिका निभाते हैं?
वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार तस्वीर कई कारणों से मिलकर बनती है।
भारत में बढ़ रही है गर्मी?
भारत में लंबे समय में तापमान बढ़ने के स्पष्ट संकेत मिले हैं। भारत सरकार के Assessment of Climate Change over the Indian Region के आधार पर IMD की एक रिपोर्ट बताती है कि 1901 से 2018 के बीच भारत के औसत तापमान में लगभग 0.7°C की वृद्धि हुई। इसी assessment में extreme temperature और rainfall events में बदलाव भी दर्ज किया गया था।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर साल हर शहर पहले से ज्यादा गर्म होगा। मौसम में प्राकृतिक उतार-चढ़ाव हमेशा रहता है। लेकिन लंबे समय की climate trend को देखें तो warming एक महत्वपूर्ण factor है।
IPCC के आकलन में भी South Asia, जिसमें भारत शामिल है, में extreme heat events के भविष्य में अधिक intense और frequent होने की संभावना बताई गई है।
फिर बारिश कभी कम तो कभी बहुत ज्यादा क्यों?
यही सवाल सबसे ज्यादा परेशान करता है।
एक तरफ कुछ क्षेत्रों में बारिश कम हो सकती है, वहीं दूसरी तरफ कम समय में बहुत ज्यादा बारिश होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। इसका मतलब यह है कि सिर्फ कुल बारिश देखना पर्याप्त नहीं है; बारिश कब और कितनी तेजी से होती है, यह भी महत्वपूर्ण है।
IMD के 2025 के एक अध्ययन में Central India में 1971-2020 के दौरान heavy और extreme rainfall events के बढ़ने की बात सामने आई। अध्ययन में पिछले दो दशकों में extreme rainfall activity में खास बढ़ोतरी दर्ज की गई।
यानी कई जगह समस्या यह नहीं है कि सालभर में बारिश हमेशा बहुत ज्यादा हो रही है। समस्या यह भी हो सकती है कि बारिश कम समय में बहुत ज्यादा मात्रा में हो जाए।
Climate Change का कितना बड़ा असर है?
Climate change atmosphere को गर्म करता है। गर्म हवा और समुद्र से atmosphere में ज्यादा moisture उपलब्ध हो सकता है। इससे कुछ परिस्थितियों में heavy rainfall events के लिए ज्यादा moisture मिल सकता है।
IPCC के अनुसार भविष्य में India और South Asia में warming के साथ monsoon rainfall की intensity और extreme daily precipitation में बढ़ोतरी की संभावना है।
हालांकि, हर extreme weather event को सीधे climate change के कारण हुआ बताना सही नहीं होगा। किसी विशेष heatwave, flood या storm के पीछे कई factors एक साथ काम कर सकते हैं।
शहरों में समस्या और क्यों बढ़ जाती है?
Weather बदलने के साथ urbanisation भी एक बड़ा factor है।
शहरों में concrete और asphalt बढ़ने से जमीन की प्राकृतिक drainage क्षमता कम हो सकती है। पेड़-पौधों और खुले क्षेत्रों में कमी, drainage systems पर दबाव और तेजी से बढ़ता construction भारी बारिश के दौरान flooding का risk बढ़ा सकते हैं।
IMD के एक recent review में भी भारत में extreme weather events के बढ़ते प्रभाव को climate change, urbanisation और land-use/land-cover changes के compound effects से जोड़ा गया है।
यही वजह है कि एक जैसी बारिश का असर किसी ग्रामीण क्षेत्र और बड़े शहर में बिल्कुल अलग हो सकता है।
Heatwave और Heavy Rain एक ही कहानी के हिस्से हैं?
पहली नजर में दोनों बिल्कुल अलग लगते हैं।
एक तरफ heatwave है, दूसरी तरफ बारिश और flood। लेकिन बदलती climate system में temperature, atmospheric moisture, monsoon circulation और local conditions आपस में जुड़े होते हैं।
IMD के 2026 के seasonal assessments में भी अलग-अलग समय पर देश के विभिन्न हिस्सों में heatwave और heavy rainfall की स्थितियां दर्ज की गई हैं। उदाहरण के लिए जून 2026 के outlook में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा heatwave days की संभावना जताई गई थी, जबकि अन्य क्षेत्रों में heavy rainfall की संभावना थी।
इसलिए भारत का मौसम एक simple “गर्मी बढ़ रही है” वाली कहानी नहीं है।
क्या हर जगह मौसम एक जैसा बदल रहा है?
नहीं।
भारत का geography बेहद विविध है। हिमालय, समुद्री तट, रेगिस्तान, गंगा का मैदान और प्रायद्वीपीय क्षेत्र—हर जगह मौसम की अपनी अलग dynamics है।
IMD के research में भी rainfall trends अलग-अलग क्षेत्रों में अलग पाए गए हैं। Central India में extreme rainfall events बढ़ने की रिपोर्ट है, जबकि दूसरे क्षेत्रों में trends अलग हो सकते हैं।
इसलिए “पूरे भारत में बारिश बढ़ रही है” या “पूरे भारत में बारिश कम हो रही है” जैसे statements बहुत सरल निष्कर्ष होंगे।
आने वाले वर्षों में क्या हो सकता है?
Climate models भारत और South Asia के लिए भविष्य में ज्यादा warming की ओर संकेत करते हैं। IPCC के अनुसार high-emission scenarios में extreme heat और heavy precipitation जैसी घटनाओं का risk बढ़ सकता है।
हालांकि भविष्य का मौसम केवल temperature पर निर्भर नहीं करेगा। Emissions, urban planning, land-use changes, water management और adaptation policies भी तय करेंगी कि extreme weather का असर कितना गंभीर होगा।
भारत को क्या तैयारी करनी होगी?
बदलते मौसम के बीच केवल मौसम की भविष्यवाणी पर्याप्त नहीं होगी। शहरों और गांवों को climate-resilient infrastructure की जरूरत होगी।
इसके लिए:
- बेहतर drainage और flood management
- Heatwave action plans
- शहरों में ज्यादा green spaces
- जल संरक्षण
- मजबूत early-warning systems
- vulnerable लोगों के लिए heat और flood shelters
- climate-sensitive urban planning
- किसानों के लिए बेहतर weather advisories
जैसे कदम महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
IMD के अनुसार improved weather forecasting और early warnings extreme weather से होने वाले नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
निष्कर्ष
भारत में मौसम का बदलता pattern केवल एक कारण की कहानी नहीं है।
Climate change temperature और atmospheric conditions को प्रभावित कर रहा है, जबकि urbanisation और land-use changes कई जगह extreme weather के असर को और बढ़ा सकते हैं।
इसीलिए कभी तेज heatwave और कभी अचानक heavy rainfall जैसी घटनाओं को समझने के लिए हमें पूरे climate system को देखना होगा।
आने वाले समय की सबसे बड़ी चुनौती शायद यह नहीं होगी कि “मौसम बदलेगा या नहीं?” बल्कि यह होगी कि “हम बदलते मौसम के लिए कितने तैयार हैं?”
आपके शहर में पिछले कुछ वर्षों में मौसम में सबसे बड़ा बदलाव क्या आया है—गर्मी बढ़ी, बारिश का pattern बदला या अचानक extreme weather ज्यादा देखने को मिला?