एनएचएम संविदा कर्मियों ने भरी हुंकार, नियमितीकरण और समान वेतन की मांग पर आर-पार की तैयारी
3 अक्टूबर तक सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन; 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान
लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत वर्षों से सेवाएं दे रहे संविदा कर्मचारियों ने अब अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने नियमितीकरण, ‘समान कार्य-समान वेतन’ समेत विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी प्रतिनिधि, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता, सदर विधायक योगेश वर्मा, कस्ता विधायक सौरभ सिंह सोनू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों व उनके प्रतिनिधियों को सौंपा।
संघ के जिलाध्यक्ष विकास श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में एक लाख से अधिक एनएचएम संविदा कर्मचारी पिछले 15 से 18 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के हित में बेहतर व्यवस्थाएं लागू की गई हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
संघ के संरक्षक संजय राय ने कहा कि कोरोना महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर से लेकर टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीबी उन्मूलन और अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों तक एनएचएम कर्मचारियों ने लगातार जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में भी कर्मचारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महामंत्री देवेंद्र नाथ पांडे ने बताया कि शासन को मांगों के समाधान के लिए 3 अक्टूबर 2026 तक का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समय तक शासन स्तर से सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा।

ये हैं प्रमुख मांगें
ज्ञापन में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। नियमितीकरण होने तक ‘समान कार्य-समान वेतन’ लागू कर वेतन में सम्मानजनक वृद्धि की मांग की गई है। इसके अलावा न्यूनतम 10 लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा (फैमिली फ्लोटर), महंगाई भत्ता (डीए), ईपीएफ, एचआरए, रिक्त पदों पर स्थानांतरण नीति की बहाली, अनुकम्पा नियुक्ति, आउटसोर्स कर्मचारियों का समायोजन तथा नियमित भर्तियों में 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग भी शामिल है।
12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
संघ ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया है। इसके तहत 5, 6 और 7 अक्टूबर को काला फीता बांधकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद 8, 9 और 10 अक्टूबर को शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसके बावजूद मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है। संगठन ने स्पष्ट किया कि हड़ताल की स्थिति के लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा।
बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ. राकेश गुप्ता, विजय वर्मा, कुलदीप चौहान, डॉ. पूनम, सुष्मिता वर्मा, पूनम जायसवाल, अमित खरे, शिप्रा वर्मा, पद्माकर त्रिपाठी, देवेंद्र नाथ पांडे, संतोष आनंद, देवनंदन श्रीवास्तव, अमित वर्मा, अनुज श्रीवास्तव, अरशद, नरेश, वेद प्रकाश, दीपा शर्मा, सीमा प्रजापति, नीरज पाल सहित बड़ी संख्या में एनएचएम यूनियन के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
