Satya Niketan के बाद 1,252 PG की जांच, 3 इमारतें खतरनाक मिलीं

Written By: The Indian Opinion News Desk
Published By: The Indian Opinion
Published Date: 11 September 2026
Updated Date: 11 September 2026
नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में PG की इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद अब राजधानी में छात्र आवासों की सुरक्षा पर बड़ा अभियान शुरू हुआ है। MCD ने 7 से 9 सितंबर के बीच 1,252 PG इमारतों का सर्वे किया। इनमें 3 इमारतें खतरनाक, 9 को बड़े स्तर पर मरम्मत की जरूरत और 39 को मामूली मरम्मत की जरूरत बताई गई है।
सत्य निकेतन में 6 सितंबर को पांच मंजिला PG भवन गिर गया था। हादसे में सात लोगों की जान गई। शुरुआती जांच में इमारत में मंजिलों और निर्माण से जुड़े नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई थी। हादसे के बाद MCD ने दिल्ली के सभी 12 जोन में अवैध और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
3 PG इमारतें खतरनाक
MCD के सर्वे में मिली तीन खतरनाक इमारतों में से एक को पहले ही गिराया जा चुका है। इसके अलावा नौ PG को major repairs और 39 को minor repairs की जरूरत बताई गई है।
हादसे के बाद MCD ने कई अन्य इमारतों पर भी कार्रवाई की है। 10 सितंबर तक 58 इमारतें ध्वस्त की जा चुकी थीं और 31 अन्य के लिए demolition orders जारी किए गए थे।
अब सवाल कार्रवाई से आगे का है
सत्य निकेतन हादसे के बाद हुई यह कार्रवाई जरूरी है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या ऐसी जांच हादसे से पहले नहीं होनी चाहिए थी?
दिल्ली में हजारों छात्र PG और किराए के कमरों में रहते हैं। ऐसे में सिर्फ अवैध निर्माण हटाना ही काफी नहीं होगा। नियमित structural inspection, fire safety और building permissions की निगरानी भी जरूरी है।
क्योंकि किसी इमारत की सुरक्षा का पता उसके गिरने के बाद नहीं, उससे पहले चलना चाहिए।