पेयजल लाइन शिफ्ट की गई, लेकिन जल्दबाजी और लागत बचाने के चक्कर में सीवर लाइन नहीं हटाई गई

ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत बनी सड़क के धंसने के मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। जांच में पाया गया है कि इस घटना के लिए कम से कम तीन विभाग जिम्मेदार हैं, जिन्होंने समन्वय की कमी और जल्दबाजी में काम किया।
सूत्रों के अनुसार, निर्माण के दौरान पेयजल लाइन को तो शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन सीवर लाइन को हटाने में लापरवाही बरती गई। अधिकारियों ने लागत बचाने और काम जल्दी पूरा करने के दबाव में इस अहम कार्य को नजरअंदाज कर दिया।
इसी कारण सड़क के नीचे खाली जगह बन गई, जिससे भारी वाहनों के दबाव में सड़क धंस गई। घटना के बाद इलाके में यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नगर निगम, जल निगम और लोक निर्माण विभाग (PWD) के बीच समन्वय की कमी भी इस हादसे की एक बड़ी वजह मानी जा रही है। अब प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की परियोजनाओं में सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल और तकनीकी जांच बेहद जरूरी होती है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।