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जब प्रमुख सचिव ने अखिलेश यादव के मंत्री से कहा आपने तो हर ट्रांसफर में लिए हैं 10 से 15 लाख!

उत्तर प्रदेश में आईएएस अधिकारी के रूप में चर्चित रहे सूर्य प्रताप सिंह इन दिनों योगी सरकार के खिलाफ मुखर हैं और अक्सर सरकार के कथित तौर पर गलत कामों को लेकर विरोध करते हैं लेकिन सूर्य प्रताप सिंह अखिलेश यादव की सरकार में जब प्रमुख सचिव के पद पर थे तब भी कम आक्रमक नहीं थे।

तब भी वह अखिलेश सरकार में भ्रष्टाचार और गलत कार्यों का डटकर विरोध करते थे द इंडियन ओपिनियन से बातचीत करते हुए सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि जब अखिलेश यादव की सरकार में वह माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रमुख सचिव थे उस समय माध्यमिक शिक्षा के मंत्री महबूब अली थे।

एक बार उनके पास महबूब अली ने कई अधिकारियों के ट्रांसफर की फाइल भेजी और महबूब अली ने उनसे कहा कि इन अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया जाए उस समय मंत्री महबूब अली के साथ-साथ वहां पर विभाग के निदेशक भी मौजूद थे और खुद सूर्य प्रताप सिंह मौजूद थे सूर्य प्रताप सिंह ने द इंडियन ओपिनियन को बताया कि उन्होंने बड़ी बेबाकी से सबके सामने मंत्री महबूब अली से कहा कि साहब आपने हर ट्रांसफर में 10 से 15 लाख रुपए की रिश्वत ली है यह बात मुझे पता चली है इसलिए मैं आपको बता रहा हूं कि मैं यहां ट्रांसफर नहीं करूंगा क्योंकि इससे सरकार की बदनामी होगी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।

मंत्री महबूब अली उनकी बात सुनकर दंग रह गए उनके पास कोई जवाब नहीं था हालांकि सूर्य प्रताप सिंह ने यह भी बताया कि यह बात कहने का और इमानदारी के पक्ष में मजबूती से खड़े होकर भ्रष्टाचार का विरोध करने का खामियाजा इस तरह भुगतना पड़ा कि मंत्री जी ने अखिलेश यादव {तत्कालीन मुख्यमंत्री} से बात करके मेरा तुरंत ही ट्रांसफर करवा दिया।

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