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यूपीयूएमएस सैफई में मेडिकल एथिक्स सेमिनार की मनाई गई वर्षगाठ।

● वर्षगांठ को जिलाधिकारी ने किया संबोधित,

सैफई-इटावा।उ०प्र०आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के सेमिनार हाॅल में मेडिकल इथिक्स सेमिनार आयोजन की पहली वर्षगाॅठ का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि इटावा जिलाधिकारी श्रुति सिंह रहीं। सेमिनार में प्रभारी कुलपति प्रो०डा० रमाकान्त यादव,संकायाध्यक्ष डा० आलोक कुमार,संकायाध्यक्ष छात्र कल्याण प्रकोष्ठ आलोक कुमार दीक्षित, विभागाध्यक्ष सर्जरी डा०एसपी सिंह, कुलसचिव सुरेश चन्द्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डा०आदेश कुमार, अपर चिकित्सा अधीक्षक कोविड-19 डा०अनिल कुमार शर्मा, प्रभारी इमर्जेंसी एवं ट्रामा डा०सोमेन्द्र पाल सिंह, मुख्य सेमिनार संयोजक डा०अमित कान्त सिंह, सहसंयोजन डा०अनामिका सिंह तथा डा नरेश पाल सिंह, फैकेल्टी मेम्बर एवं चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान फिजियोलाॅजी विभाग के जूनियर रेजिडेन्ट डा०पंकज कुमार राय एवं डा०अनमोल महेरे ने भी मेडिकल इथिक्स पर अपने विचार व्यक्त किये।

अपने उद्बोधन में जिलाधिकारी श्रुति सिंह ने कहा कि कोविड-19 की लड़ाई में फ्रंट लाइन पर डटे रहे डाक्टर्स एवं हेल्थ केयर वर्कर्स ने बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वाह किया। कोविड के दौरान चिकित्सक एवं हेल्थ केयर वर्कर्स अपने परिवार से दूर रहकर मरीजों की सेवा में लगे रहे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 एक अप्रत्याशित चुनौती रही तथा इस दौरान पूरे विश्व के लिए बेहद गंभीर समय रहा। वैक्सीन आने के बाद कुछ राहत मिली है तथा बडे पैमाने पर लोग वैक्सीन लगवा रहे हैं।उन्होंने कहा कि कोविड-19 अभी खत्म नहीं हुआ है। इसलिए सभी को कोविड-19 से बचाव हेतु सरकार द्वारा दिये गये दिशानिर्देशों का पूरी कड़ाई के साथ पालन करने की जरूरत है।

प्रभारी कुलपति प्रो०डा० रमाकान्त यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय ने कोविड-19 की पहली एवं दूसरी लहर के दौरान पूरी तनमयता से कोविड-19 एवं नाॅन कोविड मरीजों की सेवा की। विश्वविद्यालय से बड़ी संख्या में कोविड संक्रमित मरीज ठीक होकर अपने घरों को गये। इस दौरान विश्वविद्यालय में कोविड वैक्सीनेशन भी बडे पैमाने पर किया गया।कोविड-19 संक्रमण तथा कोविड मैनेजमेन्ट पर नियमित रिसर्च भी किये गये।उन्होंने कहा कि कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए विश्वविद्यालय ने पूरी तैयारी कर रखी है।

रिपोर्ट-विजयेन्द्र तिमोरी,

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