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*अभियोजन निदेशालय में भ्रष्टाचार की शासन से हुई शिकायत , प्रधान सहायक पर करोड़ों की संपत्ति बनाने का आरोप, जांच के निर्देश.. “द इंडियन ओपिनियन” की रिपोर्ट*

अभियोजन विभाग की महिला कर्मचारी पर भ्रष्टाचार का आरोप प्रमुख सचिव गृह से हुई शिकायत..

अपनी कार्यशैली को लेकर पिछले कुछ दिनों से महानिदेशक अभियोजन का कार्यालय चर्चा में है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगाह भी इस महत्वपूर्ण विभाग की ओर है अन्य कारणों के अलावा भ्रष्टाचार और मनमाने ट्रांसफर को लेकर यह विभाग चर्चा में है।


ताजा मामला विभाग की महिला कर्मचारी प्रधान सहायक सिद्दीका जफर का है। इनके ऊपर आरोप है कि इन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करके बड़े पैमाने पर अवैध धन अर्जन किया है और करोड़ों कि संपदा बनाई है।

सर्वोदय नगर लखनऊ के निवासी जुनैद सिद्दीकी ने प्रमुख सचिव गृह को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है की सिद्दीका जफर अभियोजन निदेशालय के लखनऊ कार्यालय में प्रधान सहायक के पद पर रहते हुए अवैध कृत्यों और पद के दुरुपयोग के द्वारा धन अर्जन में लिप्त हैं। आरोप में यह भी कहा गया है कि इनके द्वारा एक गिरोह का संचालन किया जा रहा है जो संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के अवैध धंधे को चला रहा है और इसके जरिए बड़े पैमाने पर संपत्ति बनाई जा रही है इस काम को करने के लिए विभाग में अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया जा रहा है।

शिकायतकर्ता ने मांग की है की सिद्दीका जफर के खिलाफ निष्पक्ष जांच कराकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।

यह भी कहा जा रहा है कि विभाग में अपने प्रभाव का नाजायज फायदा उठाकर सिद्दीका जफर मनमाने तबादले करवा लेती हैं।

महानिदेशक अभियोजन के द्वारा मई 2019 में इनका तबादला फतेहपुर जनपद के लिए किया गया था लेकिन महानिदेशक पर दबाव बनवा कर उन्होंने पुनः अपना तबादला आदेश बदलवा लिया,जून 2019 में सहारनपुर में अपनी पोस्टिंग करवा ली।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके प्रार्थना पत्र पर प्रमुख सचिव गृह के द्वारा महानिदेशक अभियोजन को जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए गए है।

इस मामले में अभियोजन निदेशालय की महिला कर्मचारी के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए गए हैं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।

इन आरोपों में क्या सच्चाई है यह तो निष्पक्ष जांच के बाद ही पता चलेगा।

द इंडियन ओपिनियन को भी इस मामले की जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मामले के सभी पहले और पूरी सच्चाई जनता के सामने लाई जा सके।

रिपोर्ट – देवव्रत शर्मा