हार्मोनल बदलाव से बढ़ सकती है भूख, स्वाद और खास चीजों की इच्छा

पीरियड्स के आसपास कई महिलाओं को अचानक चॉकलेट, मिठाई, नमकीन या तीखे खाने की तेज इच्छा होने लगती है। इसे केवल स्वाद की पसंद या इच्छाशक्ति की कमी मानना सही नहीं है। रिसर्च और विशेषज्ञों के अनुसार, मासिक चक्र के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव भूख, मूड और खाने की क्रेविंग को प्रभावित कर सकते हैं। खासतौर पर पीरियड्स शुरू होने से पहले के ल्यूटियल फेज में मीठे और नमकीन खाद्य पदार्थों की इच्छा बढ़ने के प्रमाण मिले हैं।
इस दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन के स्तर में बदलाव होता है। ये बदलाव भूख और शरीर की ऊर्जा जरूरतों को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा मूड और नींद में बदलाव भी किसी खास भोजन की इच्छा बढ़ा सकते हैं। कुछ अध्ययनों में ल्यूटियल फेज के दौरान चॉकलेट, मिठाई और नमकीन स्वाद की क्रेविंग अधिक पाई गई है।
मीठा खाने की इच्छा का संबंध मूड से भी हो सकता है। कार्बोहाइड्रेट और मीठे खाद्य पदार्थ कुछ लोगों में अस्थायी रूप से अच्छा महसूस कराने वाले न्यूरोकेमिकल प्रभाव पैदा कर सकते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर बार मीठा खाने की इच्छा ब्लड शुगर की समस्या का संकेत है।

क्रेविंग को नियंत्रित करने के लिए भोजन में कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर और कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करना मददगार हो सकता है। नियमित अंतराल पर संतुलित भोजन करने और पर्याप्त पानी पीने से भी अत्यधिक भूख को संभालने में मदद मिल सकती है।
अगर हर महीने क्रेविंग बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, खाने पर नियंत्रण मुश्किल होता है या इसके साथ गंभीर मूड बदलाव और अन्य PMS लक्षण रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित करने लगें, तो डॉक्टर या स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।