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त्रिपुरा में 25 साल से सत्ता पर काबिज वाम मोर्चा को किया बेदखल, भाजपा को मिला अजेय बहुमत


भाजपा ने त्रिपुरा में पहली बार जीत का परचम लहराया है
अगरतला: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने सहयोगी आईपीएफटी के साथ मिलकर त्रिपुरा में पिछले 25 साल से सत्ता में काबिज वाम मोर्चा को विधानसभा चुनाव में कड़ी शिकस्त देते हुए शनिवार को अजेय बहुमत हासिल की। भाजपा और उसकी गठबंधन पार्टी इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) ने प्रदेश की 60 सदस्यीय विधानसभा की 59 सीटों पर हुए चुनाव में 43 सीटें हासिल कर मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की अगुवाई वाली वाममोर्चा की सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया।
भाजपा ने 35 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि आईपीएफटी की झोली में आठ सीटें आई हैं। गौरतलब है कि 2013 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को त्रिपुरा में एक भी सीट नहीं मिली थी जबकि कुल मतों का सिर्फ 1.5 फीसदी ही वोट भाजपा को मिले थे। जबकि इस चुनाव में भाजपा को 43 फीसदी मत मिले हैं। वहीं, आईपीएफटी को 7.5 फीसदी वोट मिले हैं।

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ढाई दशक प्रदेश की सत्ता में रही माकपा को 42.8 फीसदी मतों के साथ 14 सीटों पर जीत मिली है जबकि दो सीटों पर माकपा के उम्मीदवार ही बढ़त बनाए हुए थे। वाम मोर्चे को पिछले चुनाव में 50 सीटों पर जीत मिली थी जबकि 10 सीट कांग्रेस के खाते में गई थीं। कांग्रेस को इस बार महज 1.8 फीसदी वोट मिले हैं जबकि पार्टी जीत का खाता खोलने से भी वंचित रही।