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भारत की वैश्विक घेराबंदी से चीन को एक और झटका, “Saudi Aramco” ने चीन के साथ 10 अरब डॉलर का सौदा किया रद्द

रिपोर्ट – रविंनन खजांची / मनीष निगम,

सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने चीन में रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स निर्माण के 10 अरब डॉलर के सौदे को रद्द कर दिया है। मामले से जुड़े लोगों से यह जानकारी पता लगी है।

बताया जा रहा है कि कंपनी ने यह डील इसलिए रद्द की, क्योंकि वह तेल की कम कीमतों का सामना करने के लिए खर्च कर रही है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन के चलते तेल की खपत में जबरदस्त गिरावट आई है, जिससे तेल कंपनियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।

अरामको द्वारा डील को रद्द करना चीन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग ने एक रिपोर्ट में बताया है कि अरामको ने अपने चीनी साझेदारों के साथ बातचीत के बाद चीन के पूर्वोत्तर प्रांत लिओनिंग में सुविधा में निवेश बंद करने का फैसला किया। मामले से जुड़े लोगों ने नाम ना बताने की शर्त पर एजेंसी को बताया कि इस फैसले के पीछे अनिश्चित बाजार दृष्टिकोण था।

अरामको ने इस संबंध में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। साझेदारों में से एक चाइना नॉर्थ इंडस्ट्रीज ग्रुप कॉर्पोरेशन या नॉरिनको ने भी कोई टिप्पणी नहीं की है। तेल की कीमतों में भारी गिरावट और ऊर्जा खपत पर कोरोना वायरस प्रकोप ने ऊर्जा कंपनियों के विश्व भर के प्रोजेक्ट्स की गणित बिगाड़ दी है। तेल की कम कीमतों और बढ़ते कर्ज के बीच 75 अरब डॉलर के डिविडेंड को बरकरार रखने के लिए अरामको अपने पूंजीगत खर्च में बड़ी कटौती की योजना बना रही है।

कोरोना वायरस के कारण वैश्विक तेल खपत के घटने और मार्जिन के गिर जाने के कारण रिफाइनर्स को काफी झटका लगा है। इससे रिफाइनिंग कारोबारों के लिए निवेश के मामले में काफी बदलाव आया है। सऊदी अरामको ने इस साल की शुरुआत में एक रिफाइनरी विस्तार परियोजना पर इंडोनेशिया की राज्य ऊर्जा कंपनी पर्टैमिना के साथ बातचीत की थी, लेकिन समझौते के बिना वार्ता समाप्त हो गई और पर्टैमिना दूसरे साथी की तलाश में है।

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