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महाराष्ट्र :केंद्रीय मंत्री नारायण राणे गिरफ्तार, उद्धव के खिलाफ बयान देने पर शिवसैनिकों का उग्र प्रदर्शन

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ बयानबाजी केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को महंगी पड़ती दिखाई दे रही है। पुलिस ने मंगलवार दोपहर को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। कुछ घंटे संगमेश्वर पुलिस स्टेशन में रखने के बाद उन्हें महाड ले जाया गया है। महाड में भी उनके खिलाफ एक केस दर्ज हुआ है। इधर राणे की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही उनके समर्थकों ने मुंबई-गोवा के पुराने हाईवे को जाम कर दिया है।
इसी मामले को लेकर नासिक पुलिस आयुक्त दीपक पांडे ने कहा हमने रत्नागिरी पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया गया है कि केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को वे गिरफ्तार कर लें। हमारी टीम अगले 1-2 घंटे में वहां रत्नागिरी पहुंचेगी। फिर उन्हें केंद्रीय मंत्री को सौंप दिया जाए।
गिरफ्तारी से बचने के लिए राणे ने रत्नागिरी के कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। इसे अदालत ने रद्द कर दिया। राणे ने जब से महाराष्ट्र में जनआशीर्वाद यात्रा शुरू की है, अब तक उन पर 49 FIR दर्ज हो चुकी हैं। हालांकि, इनमें से ज्यादातर मामले कोविड नियमों को तोड़ने पर दर्ज किए गए हैं। इधर, राणे के खिलाफ ठाणे के नौपड़ा थाने में सैक्शन 500, 505 (2), 153-B (1)(c) के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। इससे पहले उन पर पुणे नासिक और रायगढ़ में FIR दर्ज हो चुकी थी।


इससे पहले शिवसैनिकों ने मंगलवार को महाराष्ट्र के 17 शहरों में उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। नासिक में BJP कार्यालय पर पत्थरबाजी की गई, तो वहीं मुंबई में राणे के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे शिवसैनिकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। राणे के खिलाफ 3 FIR दर्ज होने के बावजूद शिवसेना के गढ़ यानी कोंकण में उनकी जन आशीर्वाद यात्रा जारी थी।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री के खिलाफ पुणे रायगढ़ और नासिक में FIR दर्ज हुई थी। साथ ही औरंगाबाद और खेरवाड़ी में भी FIR दर्ज करने की मांग की गई थी। पुणे और नासिक पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया था। पुणे के चतुःश्रुगी पुलिस स्टेशन की एक टीम राणे की गिरफ्तारी के लिए रायगढ़ के चिपलून के लिए रवाना हुई थी। भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा में शामिल नारायण राणे सोमवार से यहीं मौजूद थे।


नारायण राणे के बयान पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री जयंत पाटील ने मंगलवार को कहा कि हम जानना चाहते हैं कि नारायण राणे ने जो बयान दिया हैं उसका समर्थन BJP और फडणवीस करते हैं या नहीं। इसपर पूर्व CM फडणवीस ने कहा, ‘मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लेकर नारायण राणे को लेकर जो भी टिप्पणी की है, हम उसका समर्थन नहीं करते हैं। किसी के खिलाफ भी बोलने का एक तरीका होता है और मुझे लगता है कि उसी दायरे में रहकर वह बात कहनी चाहिए, लेकिन हमें यह समझना होगा कि उन्होंने यह बयान किस परिपेक्ष में दिया है। भारतीय जनता पार्टी वक्तव्य का समर्थन नहीं करती है, लेकिन हम उस व्यक्ति का समर्थन करते हैं। भारतीय जनता पार्टी नारायण राणे के साथ पूरी ताकत के साथ खड़ी रहेगी।
फडणवीस ने आगे कहा कि मुझे आश्चर्य है कि शर्जील उस्मानी नाम का एक व्यक्ति महाराष्ट्र में आकर यहां के लोगों को गाली देता है, हिंदुओं को गाली देता है। शुरू में पुलिस उसके खिलाफ FIR तक दर्ज नहीं करती है। उस पर कोई कार्रवाई नहीं करती, लेकिन केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बयान के बाद तीन जगह FIR दाखिल होती है और टीमें उन्हें अरेस्ट करने के लिए निकलती हैं। इसके बाद पुलिस कमिश्नर आदेश देते हैं कि उनको पकड़ा जाए और कोर्ट के सामने हाजिर किया जाए।
नारायण राणे जन आशीर्वाद यात्रा पर हैं। सोमवार को महाड में पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछा था कि स्वतंत्रता दिवस के दिन दिए भाषण में CM उद्धव ठाकरे अमृत महोत्सव या हीरक महोत्सव को लेकर असहज दिखे।

इस पर नारायण राणे ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा था। देश को आजादी मिले हुए कितने साल हो चुके हैं… अरे हीरक महोत्सव क्या? मैं होता तो कान के नीचे लगाता।’ उन्होंने आगे कहा था कि स्वतंत्रता दिवस के बारे में आपको मालूम नहीं होना चाहिए? कितनी गुस्सा दिलाने वाली बात है यह। सरकार कौन चला रहा है, यह समझ ही नहीं आ रहा है।” राणे ने जब यह बयान दिया, तब उनके साथ विधान परिषद के विपक्षी नेता प्रवीण दरेकर भी वहां मौजूद थे।
पुलिस के वारंट जारी करने पर नारायण राणे ने कहा, “मुझे इस संबंध में आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। पुलिस की ओर से कोई नोटिस नहीं मिला है। मैंने कोई गुनाह नहीं किया। मैं केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा का सांसद हूं, इसलिए कानून के बारे में मुझे अच्छी तरह से पता है।”
राणे ने बयान पर सफाई देते हुए कहा, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भाजपा विधायक प्रसाद लाड के लिए कहा था कि हम उन्हें ऐसा तमाचा मारेंगे कि वह अपने पैरों पर खड़े होने लायक नहीं बचेंगे। मैं इसी के जवाब में उनके कान के नीचे बजाने की बात कही थी। अगर मेरे खिलाफ एफ आई आर हुई है तो मुख्यमंत्री के खिलाफ केस क्यों नहीं किया गया था। राणे ने आगे कहा ईर्ष्या की वजह से मेरी जन आशीर्वाद यात्रा को रोकने का काम किया जा रहा है।”
प्रसाद लाड ने कुछ दिन पहले शिवसेना भवन तोड़ने की बात कही थी। हालांकि, बाद में उन्हें बयान को तोड़मरोड़ कर पेश करने की बात कहते हुए अपना बयान वापस ले लिया था।


कोरोना का हवाला देते हुए नारायण राणे ने कहा कि महाराष्ट्र में एक लाख से ज्यादा लोगों की मौतें हुईं। उसके नियंत्रण के लिए कोई योजना नहीं, उपाय नहीं, वैक्सीन नहीं, डॉक्टर नहीं, चिकित्सा कर्मचारी नहीं है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग की स्थिति भयावह है। इन्हें बोलने का अधिकार भी है क्या? इन्हें बगल में एक सेक्रेट्री रखना चाहिए और सलाह लेकर बोलना चाहिए।
राणे के बयान के बाद शिवसेना पदाधिकारी सुधाकर बडगुजर ने नासिक के महाड़ पुलिस स्टेशन में एफ आई आर दर्ज कराई थी। सुधाकर ने कहा कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री और एक संवैधानिक पद पर हैं, इसलिए उनके खिलाफ दिया गया बयान पूरे राज्य का अपमान है। शिकायत में कहा गया है कि राणे के बयान से समाज में नफरत फैल सकती है। नासिक पुलिस ने राणे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
पुणे के चतुःश्रुगी पुलिस स्टेशन में युवा सेना के सचिव रोहीत कदम ने मामला दर्ज कराया है। एक केस केस रायगढ़ में भी दर्ज हुआ है।
नारायण राणे के खिलाफ रातोंरात मुंबई के दादर इलाके में शिवसैनिकों ने पोस्टर लगा दिए। पोस्टर में नारायण राणे की तस्वीर के साथ ‘कोबंडी चोर’ यानी ‘मुर्गी चोर’ लिखा हुआ था। देर रात राणे के आवास के बाहर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया।
नारायण राणे को जल्द गिरफ्तार करने की खबरों पर उनके बेटे नीतीश राणे ने सोशल मीडिया में लिखा, “खबर है कि युवा सेना के सदस्यों को हमारे जूहू आवास के बाहर इकट्ठा होने को कहा गया है। या तो मुंबई पुलिस उन्हें वहां जाने से रोके या फिर जो कुछ भी वहां होता है वह हमारी जिम्मेदारी नहीं होगी। शेर की मांद में जाने की हिम्मत न करो। हम इंतजार कर रहे होंगे।”

रिपोर्ट – आर डी अवस्थी।

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