खुफिया कैमरे में सच्चाई कैद, मेडिकल बोर्ड की जांच के बाद खुलासा— कार्रवाई के संकेत

Ayodhya में बड़ा खुलासा हुआ है। यहां के GST डिप्टी कमिश्नर द्वारा प्रस्तुत दिव्यांगता प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया है। मामले की जांच तब तेज हुई जब खुफिया कैमरे पर रिकॉर्ड हुई बातचीत में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने साफ कहा— “यह सर्टिफिकेट फर्जी है, बचेगा नहीं।”
सूत्रों के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने प्रमोशन और अन्य सुविधाओं के लिए दिव्यांगता प्रमाणपत्र का उपयोग किया था। संदेह होने पर मेडिकल बोर्ड ने उसकी जांच की, जिसमें दस्तावेजों और मेडिकल रिपोर्ट में कई विसंगतियाँ सामने आईं।
खुफिया कैमरे में कैद वीडियो में CMO न केवल सर्टिफिकेट को फर्जी बताते दिखे, बल्कि उन्होंने यह भी कहा कि नियमों का पालन न करने पर कठोर कार्रवाई तय है।
अधिकारियों का कहना है कि अब मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और प्रमाणपत्र जारी करने में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। विभागीय जांच के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
स्थानीय प्रशासन ने इस मामले को अत्यंत गंभीर माना है, क्योंकि सरकारी दस्तावेज़ों में धोखाधड़ी सीधे तौर पर सेवा नियमों और जनहित का उल्लंघन है।
मामला सामने आने के बाद विभाग में खलबली मच गई है और जल्द ही आधिकारिक कार्रवाई की घोषणा की जा सकती है।