नोएडा में मजदूरों का प्रदर्शन, वेतन संशोधन पर विवाद

ट्रेड यूनियनों ने बताया—रिवीजन अधूरा और अपर्याप्त

नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों का गुस्सा बढ़ता नजर आ रहा है। हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन संशोधन को लेकर श्रमिकों और ट्रेड यूनियनों ने विरोध जताया है। उनका कहना है कि यह संशोधन काफी देरी से किया गया है और इसमें वास्तविक जरूरतों का ध्यान नहीं रखा गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, वेतन संशोधन लगभग एक दशक बाद लागू किया गया है, लेकिन मजदूरों का आरोप है कि बढ़ोतरी इतनी कम है कि वर्तमान महंगाई के हिसाब

से यह पर्याप्त नहीं है। कई यूनियनों ने इसे ‘आंखों में धूल झोंकने’ जैसा कदम बताया है।

इसके अलावा, अलग-अलग शहरों के लिए अलग वेतन संरचना लागू किए जाने से भी असमानता बढ़ने की बात सामने आई है। मजदूरों का कहना है कि उन्हें कम से कम 20 से 25 हजार रुपये मासिक वेतन मिलना चाहिए ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।

सरकार का कहना है कि यह निर्णय सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, लेकिन मजदूर संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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