बुंदेलखंड को मिलेगा रक्षा उत्पादन का बड़ा केंद्र दुश्मन ड्रोन को पलक झपकते करेगा निष्क्रिय

ऑपरेशन सिंदूर के बाद चर्चा में आया ‘द्रोणम’

उत्तर प्रदेश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान चर्चाओं में आई एंटी-ड्रोन गन ‘द्रोणम’ का निर्माण अब झांसी में किया जाएगा। यह कदम न केवल प्रदेश की सुरक्षा क्षमता को मजबूत करेगा, बल्कि बुंदेलखंड क्षेत्र को रक्षा निर्माण का अहम केंद्र भी बनाएगा।

🎯 ऑपरेशन सिंदूर से सुर्खियों में

‘द्रोणम’ उस समय चर्चा में आया जब सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ड्रोन खतरे को प्रभावी ढंग से निष्क्रिय किया। इसके बाद इस स्वदेशी तकनीक की क्षमता और सटीकता को लेकर रक्षा हलकों में इसकी काफी सराहना हुई।

🏭 झांसी बनेगा निर्माण केंद्र

झांसी में बनने वाली इस एंटी-ड्रोन गन से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। रक्षा गलियारे (Defence Corridor) के तहत झांसी पहले से ही एक प्रमुख नोड के रूप में विकसित किया जा रहा है। अब ‘द्रोणम’ के निर्माण से यहां निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

⚙️ क्या है ‘द्रोणम’ की खासियत?

  • 📡 रेडियो फ्रीक्वेंसी जामिंग सिस्टम से लैस

  • 🎯 एक साथ कई ड्रोन को ट्रैक और निष्क्रिय करने की क्षमता

  • 🔋 हल्का और पोर्टेबल डिजाइन

  • 🛡️ संवेदनशील इलाकों, सीमा क्षेत्रों और वीआईपी सुरक्षा में उपयोगी

  • 🚫 ड्रोन के कम्युनिकेशन और जीपीएस सिग्नल को बाधित करता है

🇮🇳 सुरक्षा एजेंसियों को मजबूती

इस एंटी-ड्रोन सिस्टम के निर्माण से सेना, अर्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को आधुनिक और स्वदेशी तकनीक का मजबूत विकल्प मिलेगा। ड्रोन के बढ़ते खतरे को देखते हुए ऐसी तकनीक की मांग तेजी से बढ़ रही है।

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