
रिपोर्ट – कार्तिकेय पांडे
महाराजगंज: जिले में गेहूं की फसल कटने के बाद लोग बेखौफ पराली जला रहे हैं। पराली जलाने से किसानों को रोकने के लिए प्रशासनिक दावे यहां फेल होता हुआ नजर आ रहा है। खेतों में गेहूं की कटाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। किसान खेतों की कटाई कंबाइन मशीन से करवाने के बाद पराली को आग लगा रहे हैं हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से पराली जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है, इसके बावजूद गेहूं की फसल कटने के बाद किसान बड़े पैमाने पर पराली जलाए जा रहे हैं।

पराली जलाए जाने से रोकने के लिए कृषि विभाग के साथ-साथ तहसील प्रशासन व उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से किसानों को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाया गए थे। पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ जुर्माने वसूलने की कार्रवाई भी की गई थी।पिछले साल पराली जलाने वाले सैकड़ों किसानों पर जुर्माना लगाकर दंडित किया गया था। इस बार न तो किसान पराली जलाने से बाज आ रहे हैं और न ही प्रशासनिक स्तर से कोई पहल शुरू की गई है।

वहीं मामले को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी उज्जवल कुमार ने प्रशासन के लोगों से कहा कि क्षेत्र में पराली को जलाने दें और ना ही किसान अपने खेतों की पराली जलाएं जिलाधिकारी ने कहा खेतों की उर्वरा शक्ति खत्म हो जा रही है जिससे पराली ना चलाएं चलाते हुए लोगों को पकड़े जाने पर कार्रवाई करेगी पुलिस।