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राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा दिल, खिलाफ मुकदमा लड़ने वाले इकबाल अंसारी, हाजी महबूब को भी निमंत्रण, पदम श्री मोहम्मद शरीफ भी होंगे ऐतिहासिक क्षण के साक्षी!

रिपोर्ट – राम प्रकाश त्रिपाठी,

भूमि पूजन के मंच पर पीएम मोदी के साथ रहेंगी सिर्फ पांच हस्तियां

पूजन तथा शिलान्यास समारोह कोरोना वायरस के कारण काफी सीमित कर दिया गया है। समारोह के लिए 200 से भी कम व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया है, पहले दो सौ से अधिक लोगों को आमंत्रित करने की योजना थी। इतना ही नहीं भूमि पूजन के मंच पर पीएम नरेंद्र मोदी के साथ सिर्फ पांच हस्तियां ही रहेंगी। राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट ने पहले कुल 208 लोगों की लिस्ट तैयार की थी। इसके बाद इसको काट-छांट के 180 तक किया गया है।
कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते प्रसार को देखते हुए फिलहाल जो योजना है, उसके मुताबिक, देशभर से करीब सौ वीवीआइपी को सीधे पीएमओ से बुलावा भेजा जा रहा है, जबकि अयोध्या के 60-70 शीर्ष संतों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने न्यौता भेजा है। आमंत्रण ईमेल और फोन से भेजे जा रहे हैं।
 
प्रधानमंत्री संग मंच पर विराजेंगी पांच हस्तियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भूमि पूजन के मंच पर श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंच पर विराजेंगे। प्रधानमंत्री और अतिथियों को बैठने के लिए बनाया गया पंडाल 30 हजार वर्ग फीट में फैला है। इसमें 15 हजार वर्ग फीट सुरक्षा कर्मियों के खड़े होने एवं ‘डी’ का हिस्सा होगा। बाकी हिस्से में आमंत्रित अतिथि बैठेंगे।
 
आरएसएस के 11 लोगों के नाम
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन तथा शिलान्यास में आरएसएस के शीर्ष 11 लोगों को आमंत्रित किया गया है। इनमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, भैया जी जोशी, कृष्ण गोपाल, दत्तात्रेय होसबोले और लखनऊ के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार शामिल हैं। यह सभी लोग इस कार्यक्रम में रहेंगे। इसके अलावा यहां विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महासचिव आलोक कुमार भी मौजूद रहेंगे। संतों की इस लिस्ट में कई बड़े नाम शामिल हैं तो कई नामों को लेकर अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।

श्री श्री रविशंकर का नाम अभी तक इस लिस्ट में नहीं है। वहीं मुरारी बापू के नाम की चर्चा भी नहीं सुनाई दे रही है। राजनीतिक नामों में कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा के नाम हैं।

अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्षकार रहे इकबाल अंसारी के साथ मुस्लिम पक्षकार रहे हाजी महबूब को भी निमंत्रण मिला है. वहीं, लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार करने वाले पद्मश्री मुहम्मद शरीफ़ को भी न्योता भेजा गया है।  
 
चातुर्मास के चलते स्वामी वासुदेवानंद वीडियो कान्फ्रेंसिंग से होंगे शामिल
कार्यक्रम में अकेले अयोध्या से करीब 50 संत शामिल हो सकते हैं। इनमें महंत कमल नयन दास, राम विलास वेदांती, राजू दास, चित्रकूट से महाराज बाल भद्राचार्य, प्रयागराज से आचार्य नरेंद्र गिरी और जगतगुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के नाम हैं। चतुर्मास चलने के कारण स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे। काशी से जितेंद्रनंद सरस्वती के अलावा तीन और वैदिक विद्वान आ रहे हैं जो उस अनुष्ठान कराने वाले विद्वान ब्राह्मणों की टीम का हिस्सा होंगे। इसमें प्रो. राम चन्द्र पाण्डेय (उपाध्यक्ष श्री काशी विद्वत्परिषद्), प्रो. रामनारायण द्विवेदी (मंत्री श्री काशी विद्वत्परिषद्), प्रो. विनय कुमार पाण्डेय (संगठन मंत्री श्री काशी विद्वत्परिषद्) के नाम हैं। यह तीनों बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के धर्म विज्ञान संकाय के आचार्य हैं।
इसके अलावा केरल में अम्मा के नाम से प्रसिद्ध मां अमृतानंदमई, पटना से आचार्य किशोर कुणाल व पटना के तख्त हरमंदिर साहिब से जत्थेदार इकबाल सिंह भी इस सूची में हैं। हरिद्वार से बालकानंद गिरी प्रेम गिरी, हरी गिरी और रविंद्र पुरी के नाम शामिल हैं। युधिठरि लाल महाराज, विजयकौशल जी महाराज, रामशरण जी महाराज, जत्थेदार हरप्रीत सिंह, अमृतसर से, जत्थेदार लखा सिंह, अमृतसर से, निर्मल दास, जालंधर से, दिगंबर गिरी, जबलपुर से, प्रणव पंड्या, रामानन्दाचार्य, संतोषी माता, हरिहरानंद, अमरकण भाष्कर गिरी, अहमदनगर से और शंभुनाथ महाराज, अहमदाबाद से शामिल होंगे। संतों के अलावा राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद मामले में बाबरी मस्जिद की तरफ से पक्षकार रहे इकबाल अंसारी, मंदिर के आॢकटेक्ट सोमपुरा परिवार, कोठारी बंधुओं का परिवार जिसमें कोठारी भाइयों की बहन पूॢणमा कोठारी कार्यक्रम में शामिल होंगे।


 
कार्यक्रम को वैभवशाली बनाने का प्रयास
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए पांच अगस्त को होने वाले भूमि पूजन कार्यक्रम को वैभवशाली बनाने की हर संभव कोशिश की जा रही है। पूजन के मंच का धरातल बहुरंगी प्रिंटेड कालीन का होगा, जबकि ऊपरी हिस्सा लाल एवं सफेद रंग का होगा, जो बहुरंगी छटा बिखेरगा। इसी तरह के दो और आकर्षक पंडाल बनाए जाएंगे। परिसर में वाटर प्रूफ एवं एसी सुविधायुक्त जर्मन हैंगर पंडाल लगाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने शनिवार को कई घंटे परिसर में बिताए और गहनता से मंदिर निर्माण के लिए होने वाले भूमि पूजन की सभी तैयारियों का निरीक्षण किया। भूमि पूजन के लिए भी खास किस्म का पंडाल बनाया जा रहा है, जो छह हजार वर्ग फीट का होगा।
रामजन्मभूमि पूजन में रामनगरी की सर्वाधिक भागीदारी
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भूमि पूजन कार्यक्रम के लिए अतिथियों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के संचालन में होने वाले कार्यक्रम में रामनगरी की सर्वाधिक संतों-महंतों समेत 65 हस्तियां शामिल होंगी। कार्यक्रम के लिए अब कुल 175 अतिथियों की सूची फाइनल हो गई है। देश के सभी प्रांतों के प्रमुख संत और मंदिर आंदोलन के अहम चेहरों को बुलाया गया है। मेल और मोबाइल से आमंत्रण दिया जा रहा है। अंतिम दो दिनों में अतिथियों को आमंत्रणपत्र भेजा जाएगा।
 
अयोध्या के पौराणिक जलाशयों के जल से होगा भूमि पूजन
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन को लेकर भक्तों में उत्साह चरम पर है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को राममंदिर भूमिपूजन के लिए नगर के विभिन्न पौराणिक महत्व वाले जलाशयों से जल संग्रह कर कारसेवकपुरम में ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र को सौंपा।

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