कीमतों में भारी गिरावट की आशंका, मिलों और किसानों की बढ़ी चिंता

देश के चीनी उद्योग पर एक नया संकट गहराता नजर आ रहा है। चीनी निर्यात पर रोक लगने की आशंका ने उद्योग जगत की चिंता बढ़ा दी है। उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अगर निर्यात पर प्रतिबंध जारी रहता है या सख्ती बढ़ती है, तो घरेलू बाजार में चीनी की आपूर्ति बढ़ सकती है, जिससे कीमतों में भारी गिरावट आने का खतरा है। इसका सीधा असर चीनी मिलों की आय पर पड़ेगा और किसानों के भुगतान में भी देरी हो सकती है।
बताया जा रहा है कि इस समय उद्योग पर करीब 12,000 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान संकट बना हुआ है। ऐसे में यदि चीनी की कीमतें गिरती हैं, तो मिलों की वित्तीय स्थिति और कमजोर हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्यात से उद्योग को राहत मिलती है क्योंकि अतिरिक्त स्टॉक अंतरराष्ट्रीय बाजार में खप जाता है। लेकिन निर्यात पर रोक से घरेलू बाजार में दबाव बढ़ेगा।

चीनी उद्योग से जुड़े संगठनों ने सरकार से मांग की है कि उद्योग और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित नीति अपनाई जाए। आने वाले दिनों में सरकार का फैसला इस पूरे सेक्टर की दिशा तय कर सकता है।