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*पुलिस की नादानी कहीं बन न जाए सरकार की परेशानी …एक और कथित एनकाउंटर पर खड़े हुए सवाल…. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खतरनाक अपराधियों के खिलाफ पुलिस को सख्ती करने का आदेश क्या दिया …पुलिस की जंग लगी बंदूकें गरजने लगी.. बड़े-बड़े माफियाओं हत्यारों और दुर्दांत अपराधियों से निपटने की बजाय पुलिस छुटभैया बदमाशों पर निशाना लगाने लगी…*

पीड़ित आकाश यादव

ताजा मामला बाराबंकी जनपद का है जहां एक कथित एनकाउंटर को लेकर हंगामा मच रहा है.. पुलिस अधिकारियों का दावा है की एनकाउंटर बिल्कुल असली है और पुलिस ने अपने बचाव में गोलियां चलाई.. लेकिन परिजनों के आरोप के बाद सियासत शुरू हो गई है..
बाराबंकी में पुलिस का एनकाउंटर सवालों के घेरे में हैं. तथाकथित अपराधी आकाश यादव ने पुलिस एनकाउंटर को फर्जी बताया है. पुलिस गुरुवार तड़के आकाश यादव नाम के एक अपराधी का एनकाउंटर किया था. आकाश दाहिने पैर में पुलिस की गोली लगने से घायल हुआ है और अस्पताल में भर्ती है.

अस्पताल में मीडिया से बातचीत में आकाश ने पुलिस मठभेड़ को फर्जी करार दिया. आकाश ने बताया कि पूछताछ के नाम पर बाराबंकी पुलिस ने उसे उठाया था. बाद में पुलिस ने मेरा मुंह ढककर मुझे गोली मार दी. बता दें पुलिस ने दरियाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत नवाबगंज पुलिया के पास हुए मुठभेड़ में आकाश यादव को गिरफ्तार करने का दावा किया है.

कैमरे के सामने दिए बयान में आकाश यादव ने बताया कि बुधवार की शाम बाराबंकी पुलिस ने मुझे पूछताछ के नाम पर उठाया था. जब मैंने पुलिस से पूछा कि मुझे कहां लेकर जा रहे हैं तो उन लोगों ने बताया कि तुमसे कुछ पूछताछ करनी है. पूछताछ करके तुम्हें छोड़ दिया जाएगा. आकाश ने बताया कि पुलिस मुझे बुधवार शाम करीब साढ़े तीन बजे लेकर दरियाबाद आई. उसके बाद यहां लाकर मेरा मुंह ढक दिया और मेरे पैर में गोली मार दी. मुंह ढका होने की वजह से मैं कुछ देख नहीं सका. आकाश के मुताबिक मैं पुलिस से पूछता रह गया कि मुझे क्यों गोली मार रहे हो, लेकिन उन लोगों ने कुछ भी नहीं बताया. गोली मारने के बाद करीब साढ़े पांच बजे मुझे यहां इलाज को लेकर आए हैं. आकाश ने बताया कि जब मैं यूनिवर्सिटी में पढ़ता था तो मेरे ऊपर कुछ मारपीट के मामले दर्ज थे. इसके अलावा मेरे ऊपर कोई भी मुकदमा नहीं है.

आकाश यादव के परिजन बाराबंकी पुलिस के एनकाउंटर को फर्जी बता रहे हैं. परिजनों ने सवाल उठाया कि जब पुलिस आकाश को पूछताछ के लिए लेकर आई थी तो उसे दरियाबाद लेकर क्यों गई? आकाश को पुलिस ने फर्जी तरीके से पैर में गोली मारी है.

वहीं, दूसरी तरफ पुलिस इस मुठभेड़ के पीछे अलग कहानी बता रही है. जिला अस्पताल पहुंचे बाराबंकी के अपर पुलिस अधीक्षक शशिकांत तिवारी ने बताया कि पुलिस ने दरियाबाद थाना क्षेत्र में मुठभेड़ की है. जिसमें तीन अपराधी एक मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी उन लोगों को रोका गया. लेकिन उन लोगों ने पुलिस वालों पर ही गोली चला दी. जिसका जवाब देते हुए पुलिस ने भी गोली चलाई. मुठभेड़ में एक अपराधी को पैर में गोली लगी है. बाकी दो अपराधी भागने में कामयाब हो गए. शशिकांत तिवारी ने बताया कि अपराधी के पास से भारी मात्रा में कारतूस और असलहे बरामद हुए हैं. इसके साथ ही उन्होंने फर्जी एनकाउंटर के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि परिजनों के विरोध के दूसरे कारण हो सकते हैं. लेकिन ये एनकाउंटर पूरी तरह से सही है.

मामले में बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक वीपी श्रीवास्तव ने इस एनकाउंटर के बारे में बताते हुए कहा कि घायल अपराधी के पास से काफी मात्रा में हथियार मिले हैं. पुलिस ने इनके पास से एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है जिसका नंबर इन लोगों ने खुरच के हटा दिया था. एसपी ने बताया कि इन लोगों का आपाराधिक इतिहास कई जनपदों में है. पुलिस उसकी भी जांच कर रही है. इसके साथ ही फरार अपराधियों की भी तलाश की जा रही है.

इस बीच मामले में सियासत भी शुरू हो गई है. कांग्रेस के राज्य सभा सांसद पीएल पुनिया व एमएलसी राजेश यादव राजू पीड़ित आकाश यादव से मिलने अस्पताल पहुंचे और सरकार व पुलिस की मंशा पर सवाल खड़े किए.