तीन बहनों की संदिग्ध मौत से इलाके में सनसनी

Ghaziabad में तीन बहनों की ट्रिपल सुसाइड की दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को हिला दिया है। मामला बेहद संवेदनशील है और परिवार, पड़ोसी तथा पुलिस सभी इस घटना से स्तब्ध हैं।
सोशल मीडिया और कोरियन कंटेंट का गहरा प्रभाव
परिवार के लोगों ने बताया कि तीनों बहनें लंबे समय से सोशल मीडिया पर सक्रिय थीं और कोरियन वीडियो, K-dramas, K-pop और कोरियन लाइफस्टाइल से जुड़ा कंटेंट लगातार देखती थीं। धीरे-धीरे उनका इस कंटेंट के प्रति लगाव इतना बढ़ गया कि वे खुद को “कोरियन गर्ल” मानने लगी थीं।
परिजनों के अनुसार—
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वे घर में भी कोरियन भाषा के शब्द इस्तेमाल करती थीं
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पहनावा और बर्ताव में भी कोरियन स्टाइल अपनाने लगी थीं
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भारतीय पहचान और भारतीय संस्कृति से खुद को दूर महसूस करने लगी थीं
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परिवार की बातों और समझाने पर भी प्रतिक्रिया नहीं देती थीं
पहचान को लेकर मानसिक तनाव
परिवार का कहना है कि सोशल मीडिया की दुनिया में डूबने के बाद तीनों बहनें अपनी ओन आइडेंटिटी को लेकर भ्रमित हो गई थीं।
वे कहती थीं—
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“हम भारतीय नहीं लगते, हम कोरियन जैसे हैं।”
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भारतीय लड़के उन्हें पसंद नहीं थे, वे कोरियन दिखने वाले लोगों की ओर आकर्षित थीं।
यह बदलाव पिछले 1–2 साल में तेज़ी से बढ़ा था, जिसने परिवार को भी चिंता में डाल दिया था।
घटना कैसे सामने आई?
पुलिस के अनुसार, घर का दरवाज़ा लंबे समय तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और कमरे में तीनों बहनें मृत अवस्था में पाई गईं।
मौके पर–
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कोई ज़बरदस्ती या जबरन घुसने का निशान नहीं मिला
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कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ
इससे यह साफ है कि मामला फैमिली इन्वॉल्व्ड, इनडोर और सोशल बिहेवियर से जुड़ा हो सकता है।
पुलिस ने शुरू की डिजिटल जांच
पुलिस ने तीनों के—
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मोबाइल
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लैपटॉप
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चैट हिस्ट्री
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सोशल मीडिया अकाउंट्स
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हाल के सर्च पैटर्न
की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया का प्रभाव और मानसिक तनाव, दोनों पहलुओं को गंभीरता से देखा जा रहा है।
परिवार सदमे में
मां और अन्य परिजन इस हादसे से टूट चुके हैं। उन्होंने बताया कि तीनों बहनें बेहद कम बाहर निकलती थीं, न रिश्तेदारों से मिलती थीं, न पड़ोस में किसी से बातचीत करती थीं।
सोशल मीडिया से सीख
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि—
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सोशल मीडिया युवा दिमाग को तेज़ी से प्रभावित करता है
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आइडेंटिटी कन्फ्यूज़न और अवास्तविक कल्पनाएँ मानसिक तनाव बढ़ा सकती हैं
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परिवार को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नज़र रखनी चाहिए
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वास्तविक जीवन और ऑनलाइन दुनिया को अलग रखना ज़रूरी है
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से कहा है—
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घटना को सनसनीखेज रूप में न फैलाएँ
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अफवाहें या गलत बयानबाज़ी न करें
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आधिकारिक रिपोर्ट आने का इंतज़ार करें
जांच टीम का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के पीछे की पूरी सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी।