गंदी सामग्री फैलाने वाले JE को मिली फांसी, डिजिटल सबूतों ने तोड़ा पूरा राज

अश्लील और अवैध सामग्री फैलाने के संगीन मामले में आखिरकार न्याय मिला है। एक जूनियर इंजीनियर (JE) को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। जांच में पाया गया कि आरोपी लंबे समय से गंदी और अवैध सामग्री कई जगह भेज रहा था। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस पूरे कृत्य में उसकी पत्नी भी उसकी मदद करती थी।
पुलिस और साइबर क्राइम सेल ने जब आरोपी के घर और दफ्तर पर छापेमारी की, तो वहां से पेन ड्राइव, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन बरामद किए गए। इन सभी उपकरणों की फॉरेंसिक जांच में अवैध कंटेंट, फाइल शेयरिंग का रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री, और कई महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मिले।
जांच अधिकारियों के अनुसार, जेई विभिन्न सोशल प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग एप्स के माध्यम से यह सामग्री भेजता था, और उसके पास एक संगठित नेटवर्क भी था।
पत्नी की भूमिका भी सामने आई, जिसने कई बार कंटेंट फॉरवर्ड करने, डेटा छिपाने और फाइल ट्रांसफर करने में उसकी मदद की। पुलिस ने उसे भी सह–अभियुक्त के रूप में गिरफ्तार किया है।
मामले को अदालत ने ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ श्रेणी में रखते हुए कहा कि आरोपी का अपराध समाज के लिए अत्यंत घातक, अनैतिक और मानसिक रूप से विघटनकारी है। अदालत ने कहा कि इस प्रकार का साइबर अपराध न सिर्फ कानून के खिलाफ है बल्कि सामाजिक मूल्यों को भी क्षति पहुँचाता है।
डिजिटल सबूतों के आधार पर अभियोजन पक्ष मामला साबित करने में सफल हुआ। पेन ड्राइव, लैपटॉप और हार्ड डिस्क में मिले डेटा ने आरोपी के पूरे नेटवर्क और गतिविधियों का खुलासा किया।
इस फैसले के बाद साइबर अपराध के खिलाफ सख्त संदेश गया है कि किसी भी प्रकार की अवैध सामग्री फैलाने वालों पर अब और कठोर कार्रवाई होगी।