भद्रा काल में होलिका दहन न करने की सख्त सलाह

होलिका दहन और होली 2026 को लेकर लोगों में एक बार फिर संशय की स्थिति बन गई है। कई जगहों पर अलग-अलग तिथियां और मुहूर्त बताए जा रहे हैं। ऐसे में सही जानकारी जानना जरूरी है ताकि किसी भी तरह की धार्मिक विघ्न या भूल-चूक से बचा जा सके।
होलिका दहन 2026 का मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा की शुरुआत और भद्रा काल के चलते मुहूर्त को लेकर दुविधा बनी रही। परंतु पंचांग के आधार पर सबसे अधिक मान्य और शुभ समय इस प्रकार है:
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होलिका दहन तिथि: 2 मार्च 2026
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शुभ मुहूर्त: रात 07:18 PM से 09:42 PM के बीच
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भद्रा काल: शाम के पहले भाग में रहेगा, इसलिए भद्रा समाप्त होने के बाद ही दहन किया जाएगा।
पंडितों की मानें तो भद्रा काल में होलिका दहन करना अशुभ माना जाता है, इसलिए उसके समाप्त होने पर ही दहन किए जाने की परंपरा है।
रंगों की होली कब?
रंगों की होली, जिसे धुलंडी भी कहा जाता है, 3 मार्च 2026 को पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ खेली जाएगी।
इस दिन सुबह से ही रंग-गुलाल, अबीर और उत्सव की शुरुआत हो जाएगी।
होलिका दहन का महत्व
होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। प्रह्लाद-हिरण्यकश्यप की कथा के अनुसार, होलिका की अग्नि में भस्म होने से यह संदेश मिलता है कि अहंकार और अन्याय का अंत निश्चित है। हर वर्ष इस दिन बुराइयों, नकारात्मकता और दुर्भावनाओं को जलाने की परंपरा है।
सुरक्षा और सावधानियां
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आग जलाने में ज्वलनशील वस्तुओं का प्रयोग न करें
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बच्चों को होलिका के पास न जाने दें
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पानी और रेत की व्यवस्था पास रखें
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रंगों का प्रयोग प्राकृतिक व सुरक्षित तरीके से करें