पूर्व प्रधानमंत्रियों, राष्ट्रपतियों और शाही संपत्ति तक जांच का दायरा; 100 से ज्यादा मंत्री-अधिकारी रडार पर

Nepal में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सरकार और जांच एजेंसियों ने मिलकर एक व्यापक अभियान चलाया है, जिसके तहत देश के कई बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक चेहरों की संपत्तियों की जांच की जा रही है।
इस अभियान के दायरे में 7 पूर्व प्रधानमंत्री, 3 पूर्व राष्ट्रपति और शाही परिवार से जुड़ी संपत्तियां भी शामिल हैं। इसके अलावा, करीब 100 से अधिक मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी जांच के घेरे में हैं। यह कदम देश में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां इन नेताओं और अधिकारियों की आय से अधिक संपत्ति, संदिग्ध लेन-देन और विदेशी निवेश से जुड़े मामलों की गहन पड़ताल कर रही हैं। कई मामलों में पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, जिससे यह अभियान और व्यापक बन गया है।
सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई किसी विशेष व्यक्ति या दल को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को साफ करने के लिए की जा रही है। इस पहल को जनता का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है, क्योंकि लंबे समय से भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की जा रही थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी होती है, तो यह नेपाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे शासन व्यवस्था में सुधार और जनता का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है।
फिलहाल, पूरे देश की नजर इस बड़ी जांच पर टिकी हुई है, जो आने वाले समय में कई बड़े खुलासे कर सकती है।