दोस्तों से ‘एडॉप्टेड’ होने की बात जानने के बाद बच्ची के सवाल—संवेदनशील तरीके से जवाब देना जरूरी

अगर आपकी 9 साल की गोद ली हुई बेटी को हाल ही में यह पता चला है कि वह एडॉप्टेड है और अब वह लगातार सवाल पूछ रही है, तो यह एक बेहद संवेदनशील स्थिति है। ऐसे समय में माता-पिता का शांत और समझदारी भरा रवैया बहुत जरूरी होता है।
सबसे पहले, बच्चे के सवालों से बचने या टालने की कोशिश न करें। उसकी जिज्ञासा स्वाभाविक है। उसे प्यार और भरोसे के साथ सच बताएं, लेकिन उसकी उम्र के अनुसार सरल भाषा में। यह समझाना जरूरी है कि उसे गोद लेना एक प्यार भरा फैसला था, न कि कोई कमी।
बच्ची को यह महसूस कराएं कि वह इस परिवार का उतना ही अहम हिस्सा है जितना कोई जैविक संतान होती है। साथ ही, उसके भावनात्मक बदलावों को समझें—कभी वह उलझन में होगी, तो कभी असुरक्षित महसूस कर सकती है।
जरूरत पड़े तो किसी चाइल्ड काउंसलर की मदद लेना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्ची को यह एहसास दिलाया जाए कि वह सुरक्षित, प्रिय और स्वीकार की गई है