625 साल पहले भी राजधानी था रायपुर, शिलालेख ने खोले इतिहास के राज

150 साल पुराने संग्रहालय में दूसरी सदी का दुर्लभ काष्ठ स्तंभ मिला, देशभर में माना जा रहा अनोखा धरोहर

रायपुर के इतिहास से जुड़ा एक बेहद अहम और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। ऐतिहासिक शिलालेखों और पुरातात्विक प्रमाणों से संकेत मिले हैं कि रायपुर करीब 625 साल पहले भी एक महत्वपूर्ण राजधानी हुआ करता था। इस खोज ने शहर के ऐतिहासिक महत्व को नई पहचान दी है।

जानकारी के अनुसार, लगभग 150 साल पुराने संग्रहालय में दूसरी सदी का एक दुर्लभ काष्ठ स्तंभ संरक्षित है, जिसे देशभर में अपनी तरह का एकमात्र नमूना माना जा रहा है। यह स्तंभ न केवल प्राचीन शिल्पकला का अद्भुत उदाहरण है, बल्कि उस दौर की सांस्कृतिक और प्रशासनिक व्यवस्था की भी झलक देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि शिलालेख में दर्ज जानकारी से यह स्पष्ट होता है कि रायपुर उस समय शासन और प्रशासन का प्रमुख केंद्र रहा होगा।

इतिहासकारों के अनुसार, इस तरह के प्रमाण किसी शहर की ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का काम करते हैं। यह खोज पर्यटन के लिहाज से भी रायपुर के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आने वाले समय में इस धरोहर को देखने और इसके इतिहास को समझने के लिए शोधकर्ताओं और पर्यटकों की रुचि बढ़ सकती है।

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