डॉक्टरों की सलाह- चूहों के संपर्क से बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा, समय रहते पहचान और बचाव बेहद जरूरी

दुनिया के कई हिस्सों में हंतावायरस (Hantavirus) को लेकर चिंता बढ़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह एक दुर्लभ लेकिन गंभीर वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से संक्रमित चूहों और अन्य कृंतक जीवों (Rodents) के संपर्क में आने से फैलता है। हालांकि यह वायरस सामान्य तौर पर व्यक्ति से व्यक्ति में नहीं फैलता, लेकिन संक्रमित जानवरों के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टरों का कहना है कि जब संक्रमित चूहों के मल या मूत्र के सूक्ष्म कण हवा में मिल जाते हैं और कोई व्यक्ति उन्हें सांस के जरिए अंदर लेता है, तब संक्रमण हो सकता है। शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान और सांस लेने में तकलीफ शामिल हो सकती है। गंभीर मामलों में यह फेफड़ों और किडनी को प्रभावित कर सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार ग्रामीण इलाकों, गोदामों, खेतों और ऐसे स्थानों पर काम करने वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है, जहां चूहों की मौजूदगी ज्यादा होती है। घर और आसपास की सफाई बनाए रखना, खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखना तथा चूहों के मल-मूत्र की सफाई करते समय मास्क और दस्ताने पहनना जरूरी है।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति में संदिग्ध लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर उपचार और सावधानी से इस संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।