केरल में फिर लौटा निपाह वायरस, संक्रमित मरीज वेंटिलेटर पर; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में

अस्पताल स्टाफ को किया गया क्वारंटीन, राज्य में 2026 का पहला मामला; 8 साल में छठी बार सामने आया संक्रमण

केरल में एक बार फिर निपाह वायरस ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में इस साल निपाह संक्रमण का पहला मामला सामने आया है, जिसके बाद स्वास्थ्य प्रशासन हाई अलर्ट पर है। संक्रमित मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।

मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान करने का काम तेजी से किया जा रहा है। एहतियात के तौर पर अस्पताल के कई स्वास्थ्यकर्मियों और स्टाफ सदस्यों को क्वारंटीन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने मरीज के यात्रा और संपर्क इतिहास की भी जांच शुरू कर दी है ताकि संक्रमण के संभावित स्रोत का पता लगाया जा सके।

अधिकारियों के अनुसार, पिछले आठ वर्षों में केरल में निपाह वायरस संक्रमण का यह छठा प्रकोप या मामला है। राज्य पहले भी कई बार इस घातक वायरस का सामना कर चुका है, जिसके चलते स्वास्थ्य तंत्र को इस बीमारी से निपटने का अनुभव है।

निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक बीमारी है, जो आमतौर पर चमगादड़ों से इंसानों में फैलती है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी यह वायरस फैल सकता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में दिक्कत और गंभीर मामलों में मस्तिष्क संक्रमण शामिल हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही, बुखार या संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर पहचान, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और आइसोलेशन के जरिए संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। फिलहाल राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

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