रिलायंस इंफ्रा की सेटलमेंट अर्जी खारिज, वहीं भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार मजबूत हुआ।

भारतीय उद्योग जगत के लिए शुक्रवार का दिन दो बड़ी खबरों के साथ आया। पहली ओर, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने उद्योगपति अनिल अंबानी और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की उस सेटलमेंट अर्जी को खारिज कर दिया, जो कंपनी फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में दाखिल की गई थी। सेबी के इस फैसले के बाद मामले में आगे नियामकीय कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, अनिल अंबानी समूह ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और वे कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखेंगे।

दूसरी ओर, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक खबर यह रही कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार 96.3 करोड़ डॉलर बढ़कर और मजबूत हुआ। विदेशी मुद्रा भंडार में यह वृद्धि भारतीय रिजर्व बैंक की वित्तीय स्थिरता बनाए रखने की क्षमता को मजबूत करती है। मजबूत फॉरेक्स रिजर्व आयात भुगतान, रुपये की स्थिरता और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाता है।
