
द इंडियन ओपिनियन लखनऊ, प्रदेश भर के हजारों रोजगार सेवकों और मनरेगा कर्मियों ने दो दिन पहले राजधानी लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन करके लखनऊ से दिल्ली तक बैठी सरकार को एक बड़ी चेतावनी देने का काम किया है मनरेगा योजना में लंबे समय से योगदान दे रहे हजारों मनरेगा कर्मियों से जुड़े लाखों परिजन कई सालों से सरकार को अपनी परेशानियां बता रहे हैं और अपनी समस्याओं को लेकर कई बार शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन एक तो सरकार जनकल्याण की बात करती है दूसरी तरफ मनरेगा कर्मियों से जुड़े लाखों परिवारों की समस्याओं को लगातार अनदेखा किया जा रहा है ना समय पर मानदेय मिल रहा है नहीं भविष्य भविष्य निधि और इलाज की सुविधा एक तरफ सरकार जन कल्याण की बात करती है युवाओं की विकास की बात करती है दूसरी तरफ हजारों रोजगार सेवक और मनरेगा कर्मी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी परेशान बने हुए हैं.
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रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन के द्वारा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को पत्र भेजकर एक बार पुनः इस प्रकार से अपनी समस्याएं बताई गई है…
मनरेगा योजना को प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सफल बनाने में समस्त मनरेगा कार्मिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सीमित मानदेय, अस्थायी सेवा एवं अनेक कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हुए भी हम सभी कार्मिकों ने शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। वर्तमान में प्रदेश सरकार द्वारा वी बी जी राम जी योजना के शुभारंभ के साथ ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में
भी मनरेगा कार्मिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अतः योजना के सफल संचालन हेतु हमारे सेवा हितों का संरक्षण एवं भूमिका का सुदृढ़ीकरण आवश्यक है।
माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा पूर्व में मनरेगा कार्मिकों के हित में की गई घोषणाओं एवं आश्वासनों को आज तक लागू नहीं किया गया है, जिससे प्रदेश के हजारों मनरेगा कार्मिकों में निराशा एवं असंतोष व्याप्त है।
अतः आपसे निम्नलिखित मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लिए जाने का आग्रह है—
1. ग्राम रोजगार सेवकों सहित समस्त मनरेगाकर्मियों को नियमित करते हुए सम्मानजनक वेतनमान प्रदान किया जाए।
2. माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा 4/10/21 को डिफेंस एक्सपो मैदान में मनरेगा कार्मिकों के संबंध में की गई सभी घोषणाओं को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
3. वीबीजी रामजी योजना एवं ग्रामीण विकास की अन्य योजनाओं में मनरेगा कार्मिकों की भूमिका को स्पष्ट, सुदृढ़ एवं स्थायी रूप से निर्धारित किया जाए, ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
4. समस्त मनरेगा कार्मिकों को सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण की नीति, सामाजिक सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा, दुर्घटना बीमा, पेंशन एवं अन्य कर्मचारी हित लाभ प्रदान किए जाएँ।
5. विभिन्न संवर्गों के लिए मानदेय में वृद्धि कर महंगाई के अनुरूप सम्मानजनक वेतन प्रथक बजट से निर्धारित किया जाए।
6. लंबे समय से कार्यरत मनरेगा कार्मिकों को अनुभव एवं सेवा अवधि के आधार पर स्थायित्व एवं पदोन्नति के अवसर प्रदान किए जाएँ।
7. ग्राम रोजगार सेवकों एवं अन्य मनरेगा कार्मिकों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास से संबंधित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में प्राथमिकता देते हुए उनकी सेवाओं का समुचित उपयोग किया जाए।
महोदय, प्रदेश के समस्त मनरेगा कार्मिक ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं और निरंतर ईमानदारी एवं समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। हमारी मांगें पूर्णतः न्यायोचित एवं कर्मचारी हित में हैं। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि हमारी उपर्युक्त मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें।
भवदीय,
प्रदेश अध्यक्ष – कुलदीप द्विवेदी
आकाश त्रिपाठी
राजवीर सिंह
एवं समस्त मनरेगा कार्मिक, उत्तर प्रदेश।
अभी देखने वाली बात है कि सरकार रोजगार सेवकों और मनरेगा करने से जुड़े लाखों परिवारों को चुनावी बेला में राहत पहुंचाने का काम करती है या फिर एक बार और सिर्फ आश्वासन देकर अपने दायित्व से विमुख हो जाएगी लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव के पहले यदि इस संगठित वर्ग की समस्याएं दूर नहीं हुई तो भारतीय जनता पार्टी सरकार के लिए राजनीतिक मुश्किलें भी खड़ी हो सकती हैं.
द इंडियन ओपिनियन
