दीपके पर महिला ने फेंकी स्याही, विरोध प्रदर्शन के बीच बढ़ा राजनीतिक विवाद

जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद पुलिस ने उन्हें एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया। मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को गंभीर बताते हुए तत्काल चिकित्सकीय निगरानी की सलाह दी। लंबे समय से जारी अनशन के कारण शरीर में कमजोरी बढ़ने और महत्वपूर्ण अंगों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया, जबकि समर्थकों ने इसे जबरन अनशन समाप्त कराने की कार्रवाई बताया।

इसी दौरान जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे कॉकरोच पार्टी के संस्थापक दीपके के साथ भी एक विवाद सामने आया। प्रदर्शन स्थल पर पहुंची एक महिला ने उन पर स्याही फेंक दी, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया और महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। घटना के बाद प्रदर्शन स्थल की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है तथा पूरे मामले की जांच की जा रही है।

इस घटनाक्रम के बाद राजधानी में राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। वांगचुक के समर्थकों ने सरकार से उनकी मांगों पर जल्द बातचीत शुरू करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन का सम्मान करने की अपील की है। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। दूसरी ओर, डॉक्टर लगातार वांगचुक के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं और उनकी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे का उपचार किया जाएगा।