रूस के साथ कारोबार करने वाले देशों पर कड़े कदम की तैयारी, ईरान को भी बिल में शामिल करने की मांग

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने रूस पर प्रस्तावित प्रतिबंध विधेयक को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान पर टैरिफ लगाना जरूरी नहीं है, लेकिन उसे भी इस विधेयक के दायरे में शामिल किया जा सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि रूस के साथ-साथ ईरान से जुड़े आर्थिक प्रतिबंधों को और सख्त बनाने पर विचार किया जा रहा है।

अमेरिकी सीनेट में आगे बढ़ रहे इस द्विदलीय रूस प्रतिबंध बिल में राष्ट्रपति को उन देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार देने का प्रस्ताव है, जो रूस से बड़े पैमाने पर तेल और ऊर्जा खरीदते हैं। इस सूची में भारत और चीन जैसे देशों का नाम भी चर्चा में है, क्योंकि दोनों रूसी कच्चे तेल के प्रमुख खरीदार हैं। हालांकि यह विधेयक अभी कानून नहीं बना है और आगे भी कई संसदीय चरण बाकी हैं।
उधर, भारत सरकार ने इस संभावित 100% टैरिफ को लेकर फिलहाल संयमित रुख अपनाया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal ने कहा कि इस समय ऐसी आशंकाओं पर अटकलें लगाना उचित नहीं है और भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता जारी है। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देश बातचीत के जरिए समाधान निकाल सकते हैं।

यदि यह विधेयक अपने मौजूदा स्वरूप में पारित होता है और राष्ट्रपति इसका उपयोग करते हैं, तो भारत के लिए निर्यात, ऊर्जा आयात और द्विपक्षीय व्यापार पर असर पड़ सकता है। फिलहाल इसे संभावित नीति माना जा रहा है, अंतिम निर्णय अमेरिकी विधायी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।