बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लिए अलग स्क्रीन टाइम, ज्यादा इस्तेमाल से बढ़ सकता है स्वास्थ्य जोखिम

आज के डिजिटल दौर में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम आंखों, नींद, मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक गतिविधियों पर नकारात्मक असर डाल सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) तथा American Academy of Pediatrics (AAP) की सलाह के अनुसार, उम्र के हिसाब से स्क्रीन टाइम सीमित रखना जरूरी है। 2 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए स्क्रीन से बचने की सलाह दी जाती है, जबकि 2 से 5 वर्ष के बच्चों के लिए अधिकतम 1 घंटा प्रतिदिन गुणवत्तापूर्ण स्क्रीन कंटेंट उचित माना जाता है।

6 से 12 वर्ष के बच्चों और किशोरों के लिए निश्चित समय सीमा तय करने के बजाय संतुलित उपयोग पर जोर दिया जाता है, ताकि पढ़ाई, खेल, नींद और शारीरिक गतिविधियां प्रभावित न हों। वयस्कों के लिए भी मनोरंजन के उद्देश्य से लगभग 2 घंटे या उससे कम स्क्रीन टाइम रखने और लंबे समय तक लगातार स्क्रीन देखने से बचने की सलाह दी जाती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हर 20 मिनट बाद लगभग 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखना (20-20-20 नियम) आंखों के तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। सोने से कम से कम एक घंटा पहले स्क्रीन का इस्तेमाल बंद करना, नियमित ब्रेक लेना और रोजाना शारीरिक गतिविधि करना भी बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी माना जाता है।