जापानी कंपनियों को भारत में निवेश बढ़ाने का न्योता, हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस

नई दिल्ली। भारत ने जापान के साथ व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जापानी कंपनियों से भारत में निवेश बढ़ाने और देश से वैश्विक स्तर की कंपनियां तैयार करने का आह्वान किया है। टोक्यो में जापान-भारत बिजनेस सहयोग से जुड़े कार्यक्रम में गोयल ने कहा कि भारत ऐसी 1,580 सुजुकी जैसी कंपनियां तैयार होते देखना चाहता है, जो देश में उत्पादन कर वैश्विक बाजारों तक पहुंच बना सकें।

गोयल के मुताबिक, भारत और जापान के बीच आर्थिक सहयोग में अभी काफी संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने जापानी उद्योगों से भारत में अपनी मौजूदगी और निवेश को और विस्तार देने की अपील की। सरकार का फोकस खासतौर पर हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बैटरी, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा और नेक्स्ट-जेनरेशन मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों पर है।
भारत में फिलहाल 1,400 से ज्यादा जापानी कंपनियां काम कर रही हैं। इनमें सुजुकी, टोयोटा, होंडा, सोनी, हिताची और मित्सुबिशी जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। भारत-जापान के बीच वित्त वर्ष 2025-26 में द्विपक्षीय व्यापार करीब 27.5 अरब डॉलर रहा। जापान भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के प्रमुख स्रोतों में पांचवें स्थान पर है।

जापान ने अगले दशक में भारत में 10 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य रखा है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए गोयल 24 से 27 अगस्त तक जापान के दौरे पर हैं और उनके साथ 200 से अधिक कारोबारी प्रतिनिधियों का दल भी है। प्रतिनिधिमंडल में मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, वित्त, स्वास्थ्य और स्टार्टअप क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हैं।