पैड समय पर न बदलना और गलत हाइजीन आदतें बढ़ा सकती हैं संक्रमण का खतरा

पीरियड्स के दौरान स्वच्छता (Menstrual Hygiene) को लेकर आज भी कई महिलाएं ऐसी गलतियां कर रही हैं, जो उनकी सेहत पर गंभीर असर डाल सकती हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे आम भूल सैनिटरी पैड, टैम्पॉन या मेंस्ट्रुअल कप को समय पर न बदलना है। लंबे समय तक एक ही पैड का इस्तेमाल करने से बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं, जिससे त्वचा में जलन, दुर्गंध, रैशेज और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सामान्यतः सैनिटरी पैड को हर 4–6 घंटे, टैम्पॉन को 4–8 घंटे के भीतर बदलना चाहिए, जबकि मेंस्ट्रुअल कप को निर्माता के निर्देशों के अनुसार नियमित रूप से खाली कर साफ करना चाहिए। यदि ब्लीडिंग अधिक हो, तो इन्हें इससे पहले भी बदलने की आवश्यकता हो सकती है।

डॉक्टर यह भी बताते हैं कि पीरियड्स के दौरान बार-बार तेज़ केमिकल वाले इंटिमेट वॉश या सुगंधित उत्पादों का इस्तेमाल करने से योनि का प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है। साफ पानी से बाहरी हिस्से की नियमित सफाई, सूती और साफ अंडरगारमेंट्स पहनना तथा इस्तेमाल किए गए पैड का सुरक्षित निपटान बेहतर हाइजीन के लिए जरूरी है।

यदि पीरियड्स के दौरान तेज़ दुर्गंध, असामान्य डिस्चार्ज, लगातार खुजली, तेज़ दर्द या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इन्हें नजरअंदाज न करें और तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। सही पीरियड्स हाइजीन न केवल संक्रमण से बचाती है, बल्कि महिलाओं के संपूर्ण प्रजनन स्वास्थ्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।