‘हिंदुओं की भावनाएं आहत हुईं’ का आरोप, संसद परिसर में प्रदर्शन पर बढ़ा विवाद

संसद के मानसून सत्र के दौरान साधु के वेश में संसद परिसर पहुंचकर प्रदर्शन करने वाले निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के खिलाफ नया विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू संगठनों और संत समाज के कुछ प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि इस तरह धार्मिक वेशभूषा का राजनीतिक प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल करने से हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसी मामले को लेकर पप्पू यादव के खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्थान में धार्मिक प्रतीकों और साधु-संतों के वेश का राजनीतिक उद्देश्य से उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए संसद परिसर में स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाने की भी अपील की गई है।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब पप्पू यादव साधु/पुजारी के वेश में संसद पहुंचे और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामले को लेकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा बताया, जबकि विरोध करने वाले संगठनों ने इसे धार्मिक परंपराओं का राजनीतिक उपयोग करार दिया।

फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की है और मामले की जांच की जा रही है। अभी तक इस मामले में किसी एफआईआर या आगे की कानूनी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, संसद परिसर में धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।