फायर सेफ्टी नियमों और SOP पर मांगा हलफनामा, LDA उपाध्यक्ष को 3 सितंबर को तलब किया

लखनऊ के चर्चित अलीगंज अग्निकांड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार से एक सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को निर्धारित की गई है।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से पूछा कि प्रदेश में फायर सेफ्टी नियमों का पालन किस प्रकार कराया जा रहा है। अदालत ने फायर सेफ्टी से संबंधित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस याचिका में राज्य सरकार, नगर निगम, अग्निशमन विभाग, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) समेत कई विभागों और अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है।
इसके अलावा, कोर्ट ने अवमानना से जुड़े एक मामले में LDA के उपाध्यक्ष को 3 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है। न्यायालय ने यह भी कहा कि पूर्व आदेशों का पालन न करने के मामले में ₹5,000 का हर्जाना लगाया जाए।

हाईकोर्ट की इस सख्ती को सार्वजनिक सुरक्षा और फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में सरकार और संबंधित विभागों द्वारा दाखिल हलफनामों के आधार पर अदालत आगे के निर्देश जारी कर सकती है।