चेन्नई के मकान से मिले शव के हिस्से, पुलिस जांच में हत्या की वजह तलाश रही

आगरा। तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच से मिले महिला के शव के टुकड़ों के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, हत्या से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। 5 अगस्त को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से एक लाल ट्रॉली बैग बरामद हुआ था। तलाशी में महिला के शव के करीब 18 टुकड़े मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती जांच के बाद मामले की कड़ी चेन्नई के गुडुवांचेरी इलाके तक पहुंची।
पुलिस जांच में मृतका की पहचान 38 वर्षीय हयातुन निशा के रूप में हुई है। वह ओडिशा के जगतसिंहपुर की रहने वाली बताई गई है और चेन्नई के तांबरम क्षेत्र में काम करती थी। जांच के दौरान पुलिस ने गुडुवांचेरी स्थित एक किराये के मकान की तलाशी ली, जहां महिला के शरीर के कुछ अन्य अवशेष और सिर बरामद होने की जानकारी सामने आई।
जांच में करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज के आधार पर पुलिस को एक युवक और महिला लाल ट्रॉली बैग के साथ चेन्नई रेलवे स्टेशन की ओर जाते दिखाई दिए। इसके बाद जांच टीम गुडुवांचेरी के उस मकान तक पहुंची, जहां हयातुन निशा के साथ संदिग्ध आरोपी रहते थे। पुलिस ने मणिकउद्दीन लश्कर और भगवती माझी को मामले में प्रमुख संदिग्ध माना है। दोनों फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, शव को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि शरीर के कुछ हिस्सों को मैदा और सब्जी के साथ पकाने की कोशिश की गई थी। हालांकि, इस दावे से जुड़े सभी तथ्यों की अंतिम पुष्टि फोरेंसिक जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट होगी।
मामले की जांच में मृतका के 19 वर्षीय बेटे की शिकायत भी अहम कड़ी बनी। बेटे ने अपनी मां के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने अलग-अलग सुरागों को जोड़ना शुरू किया। फिलहाल पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
हत्या की असल वजह और पूरे घटनाक्रम को लेकर अभी जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के पीछे का कारण और शव को चेन्नई से आगरा तक पहुंचाने की पूरी कहानी स्पष्ट हो सकेगी। मामले की आगे की जांच चेन्नई जीआरपी को सौंप दी गई है।