बिना नक्शा पास कराए निर्माण और रिहाइशी इलाकों में Commercial Activities पर LDA की सख्ती

लखनऊ। राजधानी में अलीगंज में हुए भीषण हादसे के बाद अवैध निर्माणों को लेकर प्रशासन और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने सख्त रुख अपनाया है। शहर में बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण और रिहाइशी इलाकों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट और मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद LDA ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सीलिंग अभियान को और तेज किया है।
🏗️ 100 से ज्यादा इमारतें चिन्हित
SIT की जांच में रिहाइशी इलाकों में कथित तौर पर चल रही व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े मामलों की जानकारी सामने आने के बाद LDA ने 100 से अधिक इमारतों को चिन्हित किया है।

इन इमारतों के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।
🚨 हादसों के बाद अवैध निर्माण पर सवाल
अलीगंज हादसे के बाद राजधानी में अवैध निर्माण और भवनों में नियमों के विपरीत संचालित गतिविधियों को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं।
प्रशासन के सामने चुनौती यह भी है कि शहर में ऐसे निर्माणों की पहचान कर कार्रवाई की जाए, जहां भवन का इस्तेमाल स्वीकृत मानचित्र या निर्धारित भूमि उपयोग के विपरीत किया जा रहा है।
LDA की कार्रवाई के बाद अब निगाह इस बात पर है कि चिन्हित इमारतों में कितनों पर वास्तव में कार्रवाई होती है और कितने मामलों में नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाता है।

बड़ा सवाल
अगर ये निर्माण वास्तव में नियमों के खिलाफ थे, तो इतने लंबे समय तक इन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
क्या संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था में कमी रही? और क्या भविष्य में ऐसे अवैध निर्माणों को शुरुआती स्तर पर ही रोका जाएगा?
अवैध निर्माण पर कार्रवाई सिर्फ हादसे के बाद नहीं, बल्कि हादसा होने से पहले होनी चाहिए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।