अवैध डेयरी और गोबर-गंदगी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची थी टीम, 20-25 लोगों की भीड़ पर हमले का आरोप

लखनऊ। राजधानी के बुद्धेश्वर इलाके में अवैध डेयरी और गंदगी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम पर कथित हमले का मामला सामने आया है। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान करीब 20 से 25 लोगों की भीड़ ने सरकारी टीम को घेर लिया और पथराव व हाथापाई शुरू कर दी।
घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक दारोगा के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई। आरोप है कि भीड़ में मौजूद लोगों ने दारोगा का गला दबाने का प्रयास किया, जबकि एक महिला ने लोहे की भारी जंजीर से उनके सिर पर वार कर दिया। हमले में दारोगा घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

🚨 अवैध डेयरी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान बवाल
बताया जा रहा है कि बुद्धेश्वर क्षेत्र में लंबे समय से नालियों में गोबर बहाने और गंदगी फैलाने को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इसी के तहत नगर निगम की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर कार्रवाई करने पहुंची थी।
आरोप है कि टीम के पहुंचते ही कुछ लोग विरोध करने लगे और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया। भीड़ ने सरकारी कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को घेर लिया।
👮 दो महिलाएं गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मामले में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है।
वहीं, पुलिस के मुताबिक अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। फरार बताए जा रहे लोगों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दिए जाने की बात सामने आई है।
⚖️ सरकारी काम में बाधा और हमले का मामला
पुलिस प्रशासन की ओर से सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने और गंभीर रूप से घायल करने के आरोपों में कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है।
नगर निगम प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि अवैध रूप से संचालित डेयरियों और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

❓ बड़ा सवाल
आखिर सरकारी टीम जब कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंचती है तो कानून हाथ में लेने की कोशिश क्यों होती है?
अगर किसी कार्रवाई को लेकर आपत्ति है तो उसके लिए कानूनी रास्ता मौजूद है। लेकिन सरकारी कर्मचारियों और पुलिस टीम पर कथित हमला किसी भी स्थिति में गंभीर मामला है।
साथ ही प्रशासन के सामने यह सवाल भी है कि बुद्धेश्वर इलाके में अवैध डेयरियों और गोबर से जुड़ी शिकायतें लंबे समय से थीं तो प्रभावी कार्रवाई पहले क्यों नहीं हुई?
अब देखना होगा कि पुलिस जांच में हमले के पीछे कौन-कौन लोग शामिल पाए जाते हैं और अवैध डेयरी संचालन के मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।