भारत को 11 अप्रैल तक मिली थी अस्थायी राहत

भारत को रूसी तेल के आयात पर दी गई अमेरिकी छूट अब आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी ने स्पष्ट कर दिया है कि जनरल लाइसेंस का रिन्यूअल नहीं किया जाएगा।
यह छूट भारत को सीमित अवधि के लिए दी गई थी, जो 11 अप्रैल तक मान्य थी। इस दौरान भारत रूस से तेल आयात जारी रख सका, लेकिन अब नई व्यवस्था में इसे लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर भारत की ऊर्जा रणनीति पर पड़ सकता है। रूस से सस्ता तेल भारत के लिए एक अहम विकल्प रहा है, जिससे घरेलू ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिली थी।
हालांकि, भारत ने हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए ऊर्जा स्रोतों में विविधता बनाए रखने की नीति अपनाई है। ऐसे में अब सरकार अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकती है।
इस घटनाक्रम का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ सकता है, क्योंकि भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है।