करीब 2000 नियुक्त कर्मचारियों की नौकरी पर संकट, सरकार से न्याय की मांग

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद और गहरा गया है। राज्य सरकार के JSSC-CGL समेत 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने के फैसले के बाद पहले से नियुक्त सफल अभ्यर्थियों ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची स्थित झारखंड सचिवालय के बाहर पहुंचे और अपनी नियुक्तियां रद्द किए जाने का विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर सचिवालय परिसर में प्रवेश किया।

सरकार के फैसले से JSSC-CGL के जरिए चयनित करीब 2,000 अभ्यर्थियों की नौकरियों पर अनिश्चितता पैदा हो गई है। इनमें कई ऐसे कर्मचारी हैं, जो चयन के बाद विभिन्न सरकारी विभागों में काम भी शुरू कर चुके थे। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है तो इसके लिए दोषी लोगों पर कार्रवाई की जाए, लेकिन बिना किसी व्यक्तिगत गलती के सफल उम्मीदवारों को सजा नहीं दी जानी चाहिए।
झारखंड सरकार ने कथित अनियमितताओं की जांच के लिए कदम उठाए हैं। सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने के साथ 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश भी दिए हैं। वहीं, JSSC से जुड़े मामले में CID की जांच भी जारी है।

अब सफल अभ्यर्थी सरकार से अपनी नियुक्तियों पर पुनर्विचार और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर देने की मांग कर रहे हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने कानूनी रास्ता अपनाने की बात भी कही है। दूसरी ओर, परीक्षा रद्द करने के समर्थन में आंदोलन कर रहे छात्रों ने अपनी 26 दिन की हड़ताल फिलहाल स्थगित कर सरकार को दो महीने का समय दिया है।