महराजगंज में बारिश के बीच दर्दनाक हादसा: कच्चा मकान गिरने से 59 वर्षीय महिला की मौत
कच्चा मकान बना काल, मलबे में दबकर कुसुमी देवी की मौत; पति बाल-बाल बचे
महराजगंज के कोल्हुई थाना क्षेत्र के जिगिनिहा गांव में भारी बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया। रविवार सुबह एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त मकान में मौजूद 59 वर्षीय कुसुमी देवी मलबे के नीचे दब गईं। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
हादसे के दौरान कुसुमी देवी के पति संतराम भी आसपास मौजूद थे। अलग-अलग रिपोर्टों में उनके मकान के पास/अंदर होने का उल्लेख है, लेकिन सभी रिपोर्टों में यह बात सामने आई कि वह हादसे में बाल-बाल बच गए।
बारिश के बीच अचानक भरभराकर गिरा मकान
जानकारी के मुताबिक, जिगिनिहा गांव में लगातार बारिश का दौर चल रहा था। इसी दौरान कुसुमी देवी का कच्चा मकान अचानक ढह गया।
मकान गिरते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। तेज आवाज सुनकर ग्रामीण मौके की ओर दौड़े और मलबा हटाने का काम शुरू किया। काफी प्रयास के बाद महिला को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पति की जान बची
हादसे के समय कुसुमी देवी के पति संतराम भी मौके पर थे। रिपोर्टों के अनुसार वह किसी तरह सुरक्षित निकलने में सफल रहे।
रिपोर्ट के मुताबिक संतराम करीब 60 वर्ष के हैं और हादसे के दौरान वह कुसुमी देवी के साथ खपरैल के मकान में थे। मकान गिरने के बाद वह सुरक्षित बच गए।
परिवार पहले से आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था
हादसे ने उस परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, जिसकी आर्थिक स्थिति पहले से कमजोर बताई जा रही है।
रिपोर्टों के मुताबिक, कुसुमी देवी के दो बेटे थे। इनमें से एक की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि दूसरा अपने ससुराल में रहता है। उनकी दो बेटियों की शादी हो चुकी है। ऐसे में कुसुमी देवी और उनके पति इसी जर्जर कच्चे मकान में जीवन गुजार रहे थे।
चार महीने पहले पति का टूट गया था पैर
परिवार पर पहले ही एक और मुश्किल आ चुकी थी। परिजनों के मुताबिक, कुसुमी देवी के पति संतराम का करीब चार महीने पहले सड़क हादसा हुआ था, जिसमें उनका पैर टूट गया था।
वह अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हुए थे। इसी बीच बारिश के दौरान कच्चे मकान के गिरने से उनकी पत्नी की मौत हो गई।
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस
हादसे की सूचना मिलते ही कोल्हुई थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर महिला को बाहर निकाला गया।
कोल्हुई थानाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह के अनुसार, महिला के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की गई और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मौके पर राजस्व विभाग की टीम भी पहुंची।
हादसे के बाद गांव में मातम
कुसुमी देवी की मौत की खबर फैलते ही जिगिनिहा गांव में शोक का माहौल बन गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों के लिए भी यह हादसा चिंता का विषय है, क्योंकि लगातार बारिश के दौरान कमजोर और कच्चे मकानों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है।
महराजगंज में इस समय बारिश और बढ़ते जलस्तर को लेकर भी प्रशासन की सक्रियता बढ़ी हुई है। जिले में नदियों के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर निगरानी की जा रही है।
बारिश में कच्चे मकानों को लेकर बढ़ी चिंता
लगातार बारिश के दौरान मिट्टी और खपरैल से बने पुराने मकानों की दीवारें कमजोर हो सकती हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए जर्जर मकानों की स्थिति को लेकर सावधानी जरूरी हो जाती है।
स्थानीय प्रशासन की ओर से भी ऐसे परिवारों की पहचान और जरूरत के अनुसार सहायता महत्वपूर्ण हो जाती है, खासकर उन इलाकों में जहां लगातार बारिश या जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
पूरा मामला एक नजर में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| स्थान | जिगिनिहा गांव, कोल्हुई थाना, महराजगंज |
| हादसा | कच्चा मकान ढह गया |
| मृतका | कुसुमी देवी, 59 वर्ष |
| पति | संतराम, हादसे में सुरक्षित |
| मुख्य कारण | भारी बारिश के बीच कच्चा मकान गिरना |
| बचाव | ग्रामीणों और पुलिस ने मलबा हटाया |
| पुलिस कार्रवाई | शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया |
| परिवार की स्थिति | आर्थिक रूप से कमजोर |
निष्कर्ष
महराजगंज के जिगिनिहा गांव में कच्चे मकान के गिरने से 59 वर्षीय कुसुमी देवी की मौत ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। लगातार बारिश के बीच हुए इस हादसे में उनके पति संतराम बाल-बाल बच गए। परिवार पहले से आर्थिक परेशानियों और पति की चोट जैसी मुश्किलों से जूझ रहा था।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और प्रशासन की ओर से परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया की जानकारी सामने आई है।