विपक्ष की नारेबाजी के बीच सरकार ने विधायी एजेंडा आगे बढ़ाया

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान 12 अगस्त को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में दिनभर भारी हंगामा देखने को मिला। दिल्ली में छात्र प्रदर्शनों, पुलिस कार्रवाई और FCRA संशोधन विधेयक को लेकर विपक्षी सांसदों ने सदन के वेल में पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बावजूद सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य पूरे किए।
लोकसभा में Foreign Contribution Regulation Act यानी FCRA Amendment Bill 2026 को विस्तृत समीक्षा के लिए Joint Parliamentary Committee यानी JPC को भेजने का प्रस्ताव ध्वनिमत से मंजूर किया गया। 31 सदस्यीय JPC में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य होंगे।

हंगामे के बीच खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक 2026, Kerala (नाम परिवर्तन) विधेयक 2026 और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक को भी पारित किया गया। Kerala का आधिकारिक नाम बदलकर Keralaम किए जाने के प्रस्ताव को राज्यसभा में भी मंजूरी मिली।

इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष को सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देनी चाहिए।
राज्यसभा में FCRA Bill की JPC के लिए 10 सदस्यों के नामांकन को भी मंजूरी दी गई। साथ ही Tribunal Reforms Bill और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक पर भी सदन ने मुहर लगाई।