सुरक्षा, गोपनीयता और स्वास्थ्य जांच के बीच बेहद खास तैयारियां

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के संभावित चीन दौरे को लेकर बेहद सख्त सुरक्षा और गोपनीयता प्रोटोकॉल चर्चा में हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति या पूर्व राष्ट्रपति के विदेशी दौरों में सुरक्षा एजेंसियां हर छोटे-बड़े पहलू पर बारीकी से नजर रखती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत कई बार राष्ट्रपति के इस्तेमाल से जुड़ा संवेदनशील जैविक कचरा, जैसे मेडिकल वेस्ट या अन्य निजी अपशिष्ट, विशेष सुरक्षा कारणों से वापस अमेरिका ले जाया जाता है, ताकि किसी तरह की जानकारी लीक न हो।

दौरे से पहले ठहरने की जगह, अस्पताल सुविधाओं, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम और सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच की जाती है। एयरफोर्स-1 जैसे विशेष विमान को हर समय तैयार रखा जाता है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत निकासी संभव हो सके। रनवे सुरक्षा, स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय, स्नाइपर कवरेज, कम्युनिकेशन कंट्रोल और फूड सेफ्टी तक हर स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जाती है।

हालांकि “पागलखानों की जांच” जैसे दावे सनसनीखेज लग सकते हैं, लेकिन विदेशी दौरों में आसपास के सुरक्षा जोखिम वाले क्षेत्रों का आकलन सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है। ट्रम्प जैसे हाई-प्रोफाइल नेता के दौरे में यह प्रोटोकॉल और भी ज्यादा सख्त हो जाता है।