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*अब नवाबों का शहर लखनऊ देश का तीसरा व प्रदेश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर, दिल्ली के बाद अब लखनऊ में छाई धुंध अवैध पुराने वाहनों के व्यापक स्तर में हो रहा है, इस्तेमाल प्रशासन की तरफ से नहीं की जा रही हैं कोई ठोस कार्रवाई लखनऊ से द इंडियन ओपिनियन में आदित्य यादव की रिपोर्ट*


सर्दी की दस्तक के साथ स्मॉग ने मंगलवार को लखनऊ की हवा को जहरीला बना दिया। इससे शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 396 तक पहुंच गया। सबसे खराब हवा तालकटोरा में मिली। यहां एक्यूआई 409 रिकॉर्ड किया गया। 
लालबाग में भी यह 400 के ऊपर मिला, जो हवा के खतरनाक होने का संकेत है। सीपीसीबी की एक्यूआई बुलेटिन के मुताबिक प्रदूषित शहरों में लखनऊ देश में तीसरे और प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। यहां का एक्यूआई दिल्ली और नोएडा से भी अधिक है। 

देश में लखनऊ से अधिक प्रदूषित केवल उड़ीसा का 41 हजार की आबादी वाला तलचेर शहर और यूपी में आगरा है। तलचेर में एक्यूआई 414 और आगरा में 404 रिकॉर्ड किया गया, जो लखनऊ से केवल आठ अंक ही अधिक है। आगरा से अधिक एक्यूआई लखनऊ के तालकटोरा में रहा। 

सुबह के वक्त बढ़ा प्रदूषण
सीपीसीबी के निगरानी केंद्र की लाइव रिपोर्ट के मुताबिक सुबह के वक्त एक्यूआई 450 से भी अधिक लालबाग, निशातगंज में मिला है। इसी समय स्मॉग लखनऊ में बना हुआ था। लालबाग में औसत एक्यूआई 401 रहा। अधिकतम एक्यूआई 453 रिकॉर्ड किया गया। निशातगंज में औसत एक्यूआई 382, अधिकतम एक्यूआई 459 रिकॉर्ड किया गया।

कहां, कितना एक्यूआई

स्थान              औसत एक्यूआई 
निशातगंज             382 लाल 
लालबाग             401 गहरा लाल 
तालकटोरा             409 गहरा लाल 
अलीगंज             390 लाल

दिल्ली, नोएडा से अधिक प्रदूषित 
शहर            औसत एक्यूआई
लखनऊ         396
दिल्ली            352
कानपुर         375
नोएडा            383
गाजियाबाद        391
ग्रेटर नोएडा        358

300 से अधिक एक्यूआई, मतलब खतरा

यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. राम करन का कहना है कि सीपीसीबी के प्रोटोकॉल के मुताबिक 300 से अधिक एक्यूआई होने पर हवा बहुत खराब की श्रेणी में चली जाती है। 400 से अधिक होने पर यह खतरनाक श्रेणी में आ जाती है। ऐसे में 300 से अधिक एक्यूआई मिलने पर प्रदूषित हवा में जाने से परहेज करने को कहा जाता है। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि स्मॉग के चलते वायु प्रदूषण शहर में नहीं बढ़े।